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Children Mud swollen: बरसात के मौसम में अक्सर बच्चे बाहर खेलते हैं. अगर इस दौरान गलती से कीचड़ मुंह में चला जाए तो इससे क्या बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने की दरकार है. आइए इन सवालों का डॉक्टर से जानें.
हाइलाइट्स
- क्या बच्चे गलती से कीचड़ खा ले तो इम्यूनिटी बढ़ सकती है, क्या कहते हैं डॉक्टर.
- अगर मिट्टी में टॉक्सिक मैटेरियल या बैक्टीरिया आदि नहीं है तो इससे क्या फायदा होग
- मिट्टी में बैक्टीरिया और टॉक्सिक मैटेरियल से बच्चे को परेशानी भी हो सकती है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आस्टर व्हाइटफील्ड अस्पताल के लीड पीडियाट्रिक्स डॉ श्रीनिवास मूर्ति ने बताया कि यह संभव है कि थोड़ी मात्रा में मिट्टी या गंदगी मुंह में जाने से बच्चे की इम्यूनिटी बूस्ट हो. यह थोड़ा बहुत बच्चे की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत करने में भूमिका निभा सकता है. इस अवधारणा को हाइजीन हाइपोथेसिस कहा जाता है. सामान्य तौर पर कहा जाता है अगर शुरुआती उम्र में बच्चा मिट्टी, गंदगी आदि के संपर्क में रहता है तो इससे उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है. शायद यही कारण है कि शहरों में सड़कों पर रहने वाले बच्चे या गांव में मिट्टी में खेलने वाले बच्चों में ज्यादा इम्यूनिटी होती है. डॉ. मूर्ति ने बताया कि जब एक बच्चा इन बाहरी एजेंट्स के संपर्क में आता है तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली अच्छे और बुरे एजेंट्स में फर्क करना सीखती है. इससे बच्चे को आगे चलकर एलर्जी या ऑटोइम्यून बीमारियों से बचने में मदद मिलती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मिट्टी में खतरनाक टॉक्सिक मैटेरियल हो और उससे बच्चा बच जाए.
डॉ श्रीनिवास मूर्ति ने बताया कि जब बच्चे गलती से मिट्टी खा लेते हैं तो सबसे पहले उनका शरीर इस बाहरी पदार्थ से निपटने की कोशिश करता है और इसके परिणामस्वरूप हल्की उल्टी या मतली जैसे पेट में कुछ मामूली गड़बड़ी हो सकती है. शरीर की रोग प्रतिरोधक मैकेनिज्म मिट्टी को बाहर निकालने के प्रयास में उल्टी या दस्त को उत्पन्न कर सकती है. ऐसे अधिकांश मामलों में बच्चों को कोई गंभीर समस्या नहीं होती है, लेकिन अक्सर ऐसे मामलों में इंफेक्शन का खतरा रहता है क्योंकि कीचड़ या मिट्टी के साथ बच्चे के मुंह में बैक्टीरिया, परजीवी या टॉक्सिक मैटेरियल के जाने का खतरा रहता है. यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं. ऐसे में अगर बच्चा को एक-दो दिन की अंदर छोटी सी भी नई परेशानी पैदा हुई हो तुरंत डॉक्टर से दिखा देना चाहिए.
जोखिम भी कम नहीं
डॉ मूर्ति ने बताया कि किसी बच्चे को मिट्टी से कितना नुकसान होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि मिट्टी में मौजूद प्रदूषण का स्तर कितना है. सबसे बड़ा बड़ा खतरा रोगजनक सूक्ष्म जीवों जैसे ई. कोलाई या साल्मोनेला आदि बैक्टीरिया से है. ये आंतों में संक्रमण पैदा करते हैं. विभिन्न बैक्टीरिया के अलावा, मिट्टी में मौजूद Giardia नामक परजीवी भी पाचन समस्याएं और शरीर से पानी की कमी पैदा कर सकता है. मिट्टी में कीटनाशक, भारी धातुएं और कारखानों से निकली हानिकारक सामग्री भी हो सकती है जो आगे चलकर दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं. कुछ संवेदनशील बच्चों को मिट्टी में मौजूद एजेंट्स से एलर्जी भी हो सकती है. वास्तव में उन्होंने उल्लेख किया कि प्राकृतिक मिट्टी के संपर्क से एक बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता सकारात्मक रूप से बढ़ सकती है. हालांकि माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे बहुत अधिक मात्रा में मिट्टी न खाएं और अत्यधिक प्रदूषित स्थानों पर न जाएं, क्योंकि बार-बार या अधिक मात्रा में इस तरह के पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.
Excelled with colors in media industry, enriched more than 18 years of professional experience. L. Narayan contributed to all genres viz print, television and digital media. He professed his contribution in the…और पढ़ें
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