स्किन पर आ गए लाल चकत्ते तो भूल कर भी ना खाएं ये चीजें, बढ़ सकती हैं मुसीबतें

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सोरायसिस में त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, सूखापन और पपड़ीदार परतें बनने लगती हैं. ये समस्या कई बार लोगों को ज्यादा परेशान करने लगती है. वहीं हमारे खानपान से इसके लक्षण तेजी से बढ़ सकते हैं. इसको रोकना के लिए क्या करना जरूरी है आइये जानते हैं…

जमुई. त्वचा का फटना या ड्राई स्किन एक आम समस्या है, लेकिन कई बार लोगों को सोरायसिस की समस्या हो जाती है. स्किन पर लाल चकत्ते जैसी आम दिखने वाली ये समस्या कई बार लोगों को ज्यादा परेशान करने लगती है. आयुष चिकित्सक डॉ रास बिहारी तिवारी बताते हैं कि सोरायसिस में त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, सूखापन और पपड़ीदार परतें बनने लगती हैं. कई बार हमारे खान पान से इसके लक्षण तेजी से बढ़ सकते हैं. आयुष चिकित्सक डॉ रास बिहारी तिवारी (बीएएमएस) बताते हैं कि सोरायसिस के इलाज के साथ-साथ अपने भोजन पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है. खासकर तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड सोरायसिस के मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं.

डॉ रास बिहारी तिवारी बताते हैं कि सोरायसिस से पीड़ित लोगों को सबसे पहले ज्यादा तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए. समोसा, कचौड़ी, पकौड़ी, चिप्स, फास्ट फूड और बेकरी आइटम शरीर में टॉक्सिन बढ़ाते हैं, जिससे स्किन की सूजन बढ़ सकती है. इसके अलावा अधिक मिर्च-मसाले वाला खाना भी नुकसान पहुंचाता है. लाल मिर्च, गरम मसाला और अत्यधिक नमक त्वचा में जलन और खुजली को बढ़ा सकते हैं. सोरायसिस के मरीजों को लाल मांस, अधिक अंडा, ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट जैसे फुल क्रीम दूध, चीज और बटर का सेवन सीमित करना चाहिए. शराब और धूम्रपान तो इस रोग में सबसे ज्यादा हानिकारक माने जाते हैं, क्योंकि ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं और दवाओं के असर को भी कम कर देते हैं.

फलों से भी बढ़ जाती है परेशानी
आयुष चिकित्सक के अनुसार कुछ लोगों में खट्टे फल और अत्यधिक मीठी चीजें भी सोरायसिस को ट्रिगर कर सकती हैं. संतुलन से ज्यादा चीनी, मिठाइयां और कोल्ड ड्रिंक्स लेने से शरीर में सूजन बढ़ती है. वहीं मैदा से बनी चीजें जैसे पिज्जा, बर्गर, नूडल्स और सफेद ब्रेड से भी बचना चाहिए. डॉ रास बिहारी तिवारी का कहना है कि सोरायसिस में केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि सही आहार और दिनचर्या भी उतनी ही जरूरी है. मरीजों को हल्का, सुपाच्य और सात्विक भोजन लेना चाहिए, जिसमें हरी सब्जियां, मौसमी फल और पर्याप्त पानी शामिल हो. अगर मरीज खानपान में संयम रखें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार जीवनशैली अपनाएं, तो सोरायसिस के लक्षण काफी हद तक नियंत्रित किए जा सकते हैं. गलत भोजन से परहेज करना ही इस रोग को काबू में रखने की पहली और सबसे जरूरी शर्त है.

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Mohd Majid

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स्किन पर आ गए लाल चकत्ते तो भूल कर भी ना खाएं ये चीजें, बढ़ सकती हैं मुसीबतें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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