‘मथुरा में कृष्ण मंदिर बनेगा, तो BJP के साथ होंगे दिग्विजय सिंह’, बीजेपी नेता का दावा

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Digvijaya Singh: दिग्विजय सिंह के रामनवमी पर अयोध्या राम मंदिर दर्शन पर सियासत गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें बहुत देर से समझ आया. जो पहले राम मंदिर का विरोध करते थे, अब दर्शन कर रहे हैं, और जब मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनेगा तब वे शुरुआत से ही बीजेपी के साथ नजर आएंगे.

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दिग्विजय सिंह को लेकर बीजेपी नेता का बड़ा दावा

रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता

Digvijaya Singh: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला जी के दर्शन किए. राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद वह पहली बार अयोध्या पहुंचे. इसके बाद वह हनुमान गढ़ी भी गए, जहां उन्होंने हनुमान जी महाराज के दर्शन कर विधिवत पूजा अर्चना की. लेकिन अब उनके अयोध्या जाने पर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. पहले बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन्हें खरी खोटी सुनाई थी. अब इंदौर के भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने निशाना साधा है.

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अयोध्या राम मंदिर दर्शन पर बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह को बहुत देर से समझ आया है. वह श्री राम को काल्पनिक मानते थे. कई मंचों से खुलकर राम मंदिर का विरोध कर चुके हैं. आज राम के दर्शन कर रहे है. ये बात उन्हें तब समझ आई, जब वो आज किसी भी पद पर नहीं हैं.

बीजेपी नगर अध्यक्ष ने कर दिया बड़ा दावा
वहीं सुमित मिश्रा ने कहा कि मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि पर जब भव्य मंदिर का निर्माण होगा, तब दिग्विजय सिंह पहले दिन से बीजेपी के साथ खड़े रहेंगे. जरूरत पड़ने पर अगर आंदोलन करना पड़ा, तो आंदोलन में बीजेपी के साथ शामिल होंगे.

BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी मारा था ताना
दिग्विजय सिंह के अयोध्या जाने पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के वक्त भी कांग्रेस को निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वह शामिल नहीं हुई. उस वक्त दिग्विजय सिंह को लगता था राम मंदिर के दर्शन किए तो राज्यसभा नहीं मिलेगी. रामलला के दर्शन ही जीवन का सार हैं. जो व्यक्ति इनके दर्शन से वंचित रहता है, उसका जीवन अधूरा है.

दिग्विजय सिंह हमेशा से ही अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं. इस बार उन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया है. लेकिन उन्होंने कहा कि वह संगठन में काम करते रहेंगे.

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