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Can Rabies Virus Enter Milk: कई बार किचन में रखे दूध में बिल्ली मुंह मार देती है और उसे खराब कर देती है. अधिकतर लोग बिल्ली का पिया हुआ दूध फेंक देते हैं, जबकि कई लोग अनजाने में उसे इस्तेमाल कर लेते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर बिल्ली दूध के बर्तन में मुंह मार दे, तो क्या उस दूध को पीने से रेबीज हो सकता है? डॉक्टर की मानें तो बिल्ली दूध को जूठा कर दे, तो उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. हालांकि उस दूध को पीने से रेबीज का खतरा बहुत रेयर है.
Milk Contamination and Rabies: ग्रामीण इलाकों में लोगों के घर काफी बड़े होते हैं और खुला एरिया भी होता है. इसकी वजह से घरों में बिल्ली आ जाती है. कई बार बिल्ली किचन में घुस जाती है और वहां रखी चीजों को खा जाती है. किचन में अगर दूध रखा हो, तो बिल्ली दूध पी जाती है. किचन में रखा दूध अगर बिल्ली पी जाए, तो लोग सोच में पड़ जाते हैं कि उस दूध को इस्तेमाल करें या फेंक दें. कई बार बिल्ली थोड़ा बहुत दूध पी जाती है और लोग अनजाने में वही दूध पी लेते हैं. दरअसल बिल्ली की लार में भी रेबीज वायरस हो सकता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिल्ली का जूठा दूध पीने से रेबीज संक्रमण हो सकता है? इस बारे में भारत के जाने-माने वायरोलॉजिस्ट से हकीकत जान लेते हैं.
नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर सेंटर फॉर बायोमेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर और सीनियर वायरोलॉजिस्ट डॉ. सुनीत कुमार सिंह ने News18 को बताया रेबीज एक वायरल इंफेक्शन है, जो संक्रमित जानवरों जैसे- कुत्ता, बिल्ली, बंदर और चमगादड़ के काटने से इंसानों में फैलता है. इन जानवरों की लार में यह वायरस होता है, जो इंसानों के खुले घाव, आंख, नाक या मुंह के संपर्क में आने से शरीर में पहुंच जाता है. अगर किसी व्यक्ति को रेबीज संक्रमण हो जाए, तो उसकी मौत हो जाती है. रेबीज एक लाइलाज बीमारी है और अब तक इसका कोई ट्रीटमेंट है. हालांकि दुनियाभर में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है. अगर किसी व्यक्ति को रेबीज संक्रमित जानवर काट ले, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए.
क्या बिल्ली से दूध में पहुंच सकता है रेबीज वायरस?
डॉक्टर सुनीत सिंह ने बताया कि अगर कुत्ता, बिल्ली या अन्य कोई जानवर दूध को चाट ले, तो उस दूध का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ऐसा दूध सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता है. हालांकि बिल्ली दूध पी जाए और उसी दूध को अनजाने में कोई व्यक्ति पी ले, तो इससे रेबीज होना रेयर है. अगर कोई बिल्ली रेबीज से संक्रमित है, तो उसकी लार में वायरस मौजूद हो सकता है. ऐसे में जब वह दूध पीती है, तो उसकी लार दूध में मिल सकती है. यह दूध सेहत के लिए खतरनाक होता है, लेकिन दूध के जरिए रेबीज फैलने के मामले अब तक सामने नहीं आए हैं. अगर कोई ऐसा दूध पी ले, तो घबराने की जरूरत नहीं है.
दूध उबालने से खत्म हो सकता है रेबीज वायरस
डॉक्टर के अनुसार रेबीज वायरस बाहरी वातावरण में ज्यादा देर एक्टिव नहीं रहता है. अगर दूध को उबाल दिया जाए, तो रेबीज समेत कई बैक्टीरिया और वायरस नष्ट हो सकते हैं. हालांकि फिर भी इस दूध को यूज नहीं करना चाहिए. थोड़ी सी लापरवाही गंभीर चिंता का कारण बन सकती है, इसलिए शक की स्थिति में दूध फेंक देना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है. यह भी समझना जरूरी है कि रेबीज का मुख्य खतरा बिल्ली का जूठा दूध पीने से नहीं, बल्कि संक्रमित जानवर के काटने या खरोंच से होता है. ऐसी कंडीशन में समय पर वैक्सीन लेने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें