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Success Story: बहराइच की महिला रिंकी देवी पति की मौत के बाद समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं. अब सिलाई, कढ़ाई और तिरंगा बनाकर बच्चों और सास की जिम्मेदारी उठा रही हैं.
इस योजना ने दिया सहारा!
बहराइच जिले के छोटे से गांव अशोका डिहा में रिंकी देवी रहती है. लम्बी बीमारी के बाद पति का देहांत हो गया. चार बच्चे, बूढ़ी सास की जिम्मेदारी उठाना, ऐसे में जिंदगी जीना कठिन हो रहा था. तब रिंकी ने हार न मानकर हिम्मत बांधी और एक छोटी सी दुकान घर से ही शुरू की, लेकिन उसमें भी नुकसान झेलना पड़ा और दुकान भी नहीं चली. तब गांव की एक महिला से उतर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे में सुना. फिर जानकारी लेकर ट्रेनिंग लेकर फूल महिला स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़कर काम शुरू किया. जहां से कुछ पैसे मिले और फिर धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति यही से ठीक होने लगी. अब रिंकी देवी सिलाई, कढ़ाई समेत समूह से जुड़कर तमाम कार्य को करने लगी.जिससे उनकी अच्छी कमाई के साथ-साथ समाज में इज्जत सम्मान भी हो रहा है. चार बच्चों की पढ़ाई लिखाई, घर का खर्चा सब अब यहीं से पूरा हो रहा है. रिंकी देवी ने अन्य महिलाओं को लेकर भी कहा है कि जीवन में हार नहीं माननी चाहिए. सरकार की तमाम ऐसी योजनाएं हैं, जिनका सहारा लेकर महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ सकती हैं.
इन दिनों रिंकी समूह में कर रही यह काम!
मौसम, महीना ,समय के साथ-साथ समूह लोगों की जरूरत के हिसाब से सामग्रियां बनाने का काम करता है. इन दिनों रिंकी देवी अपने समूह के साथ मिलकर तिरंगा बनाकर बिक्री करने का काम कर रही है, जो लोगों को खूब पसंद भी आ रहा है. और अच्छे से बिक्री भी हो रही है.
मीडिया फील्ड में एक दशक से अधिक से सक्रिय. वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. 2010 से नई दुनिया अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की.फिर हिंदुस्तान, ईटीवी भारत, वेबदुनिया समेत कई जगहों पर रिपोर्टिंग और डेस्क मे…और पढ़ें
मीडिया फील्ड में एक दशक से अधिक से सक्रिय. वर्तमान में News18 हिंदी में कार्यरत. 2010 से नई दुनिया अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की.फिर हिंदुस्तान, ईटीवी भारत, वेबदुनिया समेत कई जगहों पर रिपोर्टिंग और डेस्क मे… और पढ़ें
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