कोदो-कुटकी की खिचड़ी खाने से पति-पत्नी, बेटा बेहोश: अमरकंटक से तीनों अनूपपुर जिला अस्पताल रेफर, इनकी हालत अब खतरे से बाहर – Anuppur News

अमरकंटक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को जहरीला कोदो-कुटकी का पेज खाने से डिंडौरी जिले के एक दंपती और एक बच्चे को बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। तीनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

.

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कबीर मय खुरखुरी दादर निवासी धमनी तेकाम (45 वर्ष), उनकी पत्नी चंद्रावती तेकाम (40 वर्ष) और पड़ोसी बालक आयुष (4 वर्ष) ने सुबह घर में बना कोदो-कुटकी का पेज खाया था।

इसके लगभग एक घंटे बाद उन्हें उल्टी, जी मिचलाना और बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हुए। स्थिति बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल अमरकंटक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

तीनों को जिला अस्पताल रेफर किया

केंद्र में डॉ. शशांक परस्ते और डॉ. सुनील सिंह ने तुरंत इलाज शुरू किया। डॉ. परस्ते ने बताया कि तीनों मरीज खतरे से बाहर हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी में रखा गया है।

बेहतर जांच और इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा। डॉ. सुनील सिंह ने पुष्टि की कि महिला को उल्टियां हो रही थीं, लेकिन अब स्थिति सामान्य है।

घर में कोदो-कुटकी की खिचड़ी बनाई थी

भर्ती मरीज धमनी तेकाम ने बताया कि उन्होंने सुबह स्वयं घर पर कोदो-कुटकी की खिचड़ी बनाई थी। उन्होंने कहा, “हमें यह नहीं पता था कि कोदो-कुटकी जहरीला हो गया है।”

ग्रामीण अंचलों में कोदो-कुटकी किसानों और श्रमिक वर्ग के भोजन का एक प्रमुख हिस्सा है। यह पारंपरिक अनाज सामान्यतः सुरक्षित होता है, लेकिन इसका जहरीला होना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुचित भंडारण या फफूंदजनित संक्रमण के कारण अनाज विषैला हो सकता है।

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *