Love Bombing: कैसे समझें आप हैं ‘लव बॉम्बिंग’ के शिकार! समय रहते पहचानें, वरना बाद में पछताएंगे आप

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लव बॉम्बिंग एक तरह का इमोशनल मैनिपुलेशन है. इसमें कोई व्यक्ति शुरुआत में जरूरत से ज्यादा प्यार, तारीफ, गिफ्ट और अटेंशन देता है. सब कुछ इतना परफेक्ट लगता है कि सामने वाला जल्दी इमोशनली जुड़ जाता है. शुरुआत में यह प्यार लगता है, लेकिन असल में इसका मकसद कंट्रोल पाना होता है.

रीना की शादी को अभी तीन महीने ही हुए थे. शादी से पहले राहुल हर वक्त उसकी तारीफ करता, महंगे गिफ्ट देता और कहता था, “मैं तुम्हें पलकों पर रखूंगा.” रीना को लगा उसे परफेक्ट पति मिल गया है. लेकिन शादी के बाद हालात बदलने लगे.

राहुल हर बात पर सवाल करने लगा—फोन पर किससे बात किया, मायके क्यों जाना है, देर क्यों हुई. अगर रीना कुछ कहती तो वह कहता, “इतना प्यार करता हूं, इसलिए फिक्र है.” धीरे-धीरे रीना समझ गई कि यह प्यार नहीं, कंट्रोल है. तब उसे एहसास हुआ कि शादी से पहले मिला बेहिसाब प्यार असल में लव बॉम्बिंग था.

दरअसल, लव बॉम्बिंग में जरूरत से ज्यादा प्यार दिखाकर सामने वाले को इमोशनली कंट्रोल किया जाता है. इसे समय रहते न समझा जाए, तो इंसान खुद को ऐसे रिश्ते में फंसा हुआ पाता है, जहां खुशी से ज्यादा डर और घुटन होती है.

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अचानक बहुत ज्यादा प्यार दिखाना -अगर कोई इंसान आपको बहुत कम समय में ही “तुम ही मेरी दुनिया हो”, “मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता” जैसे डायलॉग बोलने लगे, तो सतर्क हो जाएं. रोज-रोज कॉल, मैसेज, सरप्राइज और तारीफ लव बॉम्बिंग का पहला संकेत हो सकता है. असली रिश्ते धीरे-धीरे बनते हैं.

हर वक्त आप पर नजर रखना- लव बॉम्बिंग करने वाला व्यक्ति हर पल आपकी जानकारी चाहता है. आप कहां हैं, किससे बात कर रहे हैं, क्यों देर हो गई. शुरुआत में यह केयर लगती है, लेकिन धीरे-धीरे यह घुटन बनने लगती है. आपकी पर्सनल स्पेस खत्म होने लगती है.

आपको दूसरों से दूर करना- ऐसे लोग अक्सर कहते हैं, “तुम्हारे दोस्त तुम्हारे लायक नहीं” या “तुम्हारा परिवार मुझे समझता नहीं”. मकसद होता है आपको अकेला करना ताकि आप सिर्फ उन्हीं पर निर्भर रहें. यह बहुत बड़ा रेड फ्लैग है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

अचानक बर्ताव बदल जाना- शुरुआत में जो इंसान हर बात पर खुश रहता था, वही धीरे-धीरे गुस्सैल, शक करने वाला और कंट्रोलिंग बन जाता है. प्यार कम और ताने ज्यादा होने लगते हैं. आप हर बात के लिए खुद को दोषी महसूस करने लगते हैं. यही लव बॉम्बिंग का खतरनाक मोड़ है.

लव बॉम्बिंग क्यों की जाती है?अक्सर असुरक्षित या नर्सिसिस्ट लोग ऐसा करते हैं. उन्हें रिश्ते में बराबरी नहीं, बल्कि ताकत चाहिए होती है. ज्यादा प्यार दिखाकर वे सामने वाले को अपने जाल में फंसा लेते हैं और फिर उसे अपने हिसाब से चलाने लगते हैं.

कैसे पहचानें और खुद को बचाएं? अगर रिश्ता बहुत जल्दी बहुत गहरा हो रहा है, तो ब्रेक लें. अपनी फीलिंग्स पर ध्यान दें, क्या आप खुश हैं या घुटन महसूस कर रहे हैं. अपने दोस्तों और परिवार से राय लें. साफ सीमाएं बनाएं और अगर सामने वाला उन्हें नहीं मानता, तो सतर्क हो जाएं.

ऐसे रिश्ते से कैसे निकलें? सबसे पहले सच स्वीकार करें कि यह प्यार नहीं, मैनिपुलेशन है. खुद को दोष न दें. धीरे-धीरे दूरी बनाएं और जरूरत पड़े तो पूरी तरह संपर्क खत्म करें. भरोसेमंद लोगों और जरूरत हो तो काउंसलर की मदद लें. याद रखें, सच्चा प्यार आजादी देता है, डर नहीं.

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कैसे समझें आप हैं ‘लव बॉम्बिंग’ के शिकार! समय रहते पहचानें, वरना होगा पछतावा

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