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सर्दियों के मौसम में गेंदा फूल की खेती करना काफी आसान और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके लिए सही मिट्टी और देखभाल बेहद जरूरी होती है. गेंदा हल्की, भुरभुरी और जल निकास वाली मिट्टी में बेहतर बढ़ता है. खेत या गमले की मिट्टी में सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाने से पौधों को भरपूर पोषण मिलता है, जिससे फूल ज्यादा और लंबे समय तक आते हैं. सर्दियों में गेंदा के पौधों को अधिक पानी की जरूरत नहीं होती, इसलिए सिंचाई संतुलित मात्रा में करना जरूरी है, ताकि जड़ें सुरक्षित रहें और पौधा स्वस्थ बना रहे.
सर्दियों का मौसम गेंदा फूल के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इस मौसम में अगर थोड़ी सी सही देखभाल की जाए तो गेंदा लंबे समय तक खिला-खिला रहता है और गार्डन की सुंदरता कई गुना बढ़ा देता है. गेंदा न सिर्फ देखने में आकर्षक होता है, बल्कि पूजा-पाठ, सजावट और औषधीय उपयोग के लिए भी काफी अहम है. सर्दियों में इसकी सही देखरेख से पौधे मजबूत बनते हैं और फूलों की संख्या भी बढ़ती है.

सर्दी में गेंदा लगाने के लिए सबसे पहले मिट्टी की तैयारी जरूरी होती है. गेंदा हल्की, भुरभुरी और जल निकास वाली मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ता है. मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाने से पौधों को भरपूर पोषण मिलता है. गमले में लगाने पर ध्यान रखें कि नीचे छेद हो, ताकि पानी जमा न हो. पानी रुकने से जड़ें सड़ सकती हैं, जिससे पौधा कमजोर हो जाता है.

सर्दियों में सिंचाई का खास ध्यान रखना चाहिए. ठंड के मौसम में गेंदा को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. सप्ताह में दो से तीन बार हल्की सिंचाई पर्याप्त रहती है. हमेशा सुबह के समय पानी देना बेहतर माना जाता है, ताकि नमी दिन में सूख जाए और फंगल रोगों का खतरा कम रहे. अधिक ठंड या कोहरे के दिनों में जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए.
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गेंदा को भरपूर धूप मिलना बेहद जरूरी है. रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलने से पौधे स्वस्थ रहते हैं और फूल ज्यादा आते हैं. अगर पौधे छांव में रहेंगे तो उनमें फूल कम लगेंगे और पौधा लंबा-पतला हो सकता है. इसलिए गमलों या क्यारियों को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो.

सर्दियों में गेंदा के पौधों की समय-समय पर कटाई-छंटाई भी जरूरी होती है. मुरझाए हुए फूल और सूखी टहनियों को हटाते रहें। इससे पौधे की ऊर्जा नए फूल बनाने में लगती है और गार्डन हमेशा खिला-खिला नजर आता है. महीने में एक बार हल्की जैविक खाद या तरल खाद देने से फूलों की गुणवत्ता और संख्या दोनों बढ़ती हैं.

कीट और रोगों से बचाव के लिए नीम तेल का छिड़काव फायदेमंद रहता है. 10 से 15 दिन में एक बार नीम तेल के घोल का स्प्रे करने से कीट दूर रहते हैं और पौधे स्वस्थ बने रहते हैं. थोड़ी सी मेहनत और सही देखभाल से सर्दियों में गेंदा आपके गार्डन को रंग-बिरंगा और खूबसूरत बना सकता है.
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