Malaria symptoms and treatment: इस बार देश से मॉनसून जाने का नाम नहीं ले रहे है. अक्टूबर का महीना शुरू हो चुका है और तेज बारिश हो रही है. कई राज्यों में अभी भी बाढ़ से हालात बने हुए हैं. पहाड़ों पर बर्फ बारी शुरू होने से अभी से ही हल्की ठंड महसूस होने लगी है. दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो बारिश के कारण न सिर्फ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि बारिश के कारण मलेरिया (Malaria) और चिकनगुनिया (chikungunya) के भी मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं. यदि इस साल की बात करें तो जनवरी से 4 अक्टूबर के बीच दिल्ली में चिकनगुनिया और मलेरिया के मामलों में क्रमश: 75 और 431 तक पहुंच गई है. यह पिछले पांच वर्षों में इसी अवधि के दौरान सबसे अधिक मामले हैं. यह स्थिति उस समय आई है जब मच्छर प्रजनन की जांच करने वाले नगर निगम (MCD) के कर्मचारी अपने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन के दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं.
मलेरिया क्या है? (What is Malaria)
मायोक्लिनिक में छपी एक खबर के अनुसार, मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो एक परजीवी के कारण होती है. यह परजीवी संक्रमित मच्छरों के काटने से मनुष्यों में फैलता है. मलेरिया होने पर व्यक्ति को कंपकंपी के साथ तेज बुखार होता है. यह बीमारी उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय देशों में कॉमन है. हर साल लगभग 2.9 करोड़ (290 मिलियन) लोग मलेरिया से संक्रमित होते हैं और 4 लाख से भी अधिक लोगों की इससे जान चली जाती है.
मलेरिया के लक्षण (Symptoms of Malaria)
मलेरिया के ये सभी लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के कुछ हफ्तों के भीतर दिखाई देने लगते हैं. हालांकि, कुछ प्रकार के मलेरिया परजीवी आपके शरीर में एक साल तक निष्क्रिय (dormant) रह सकते हैं.
बुखार
ठंड लगना (chills)
सिरदर्द
मतली और उल्टी
दस्त
पेट में दर्द
मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द
थकान महसूस करना
तेज सांस लेना
हृदय गति का तेज होना
खांसी होना
मलेरिया के कारण (Cause of Malaria)
मलेरिया प्लैज़्मोडियम (Plasmodium) नामक एक परजीवी के कारण होता है. यह परजीवी सबसे आम तौर पर मच्छरों के काटने के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है. इसका इलाज समय रहते जरूरी है वरना मौत भी हो सकती है.
मलेरिया की रोकथाम (Prevention tips for malaria)
अगर आपके इलाके में मलेरिया बहुत कॉमन है, तो मच्छर के काटने से बचाव के उपाय अपनाएं. मच्छर शाम से लेकर सुबह तक सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं. अपने आप को मच्छर से बचाने के लिए आप निम्न उपाय अपना सकते हैं:
1. त्वचा को ढक कर रखें. लंबी बाजू वाली शर्ट और पैंट पहनें. शर्ट को पैंट में टक करें और पैंट की टांगों को मोज़े में डालें.
2. घर में मच्छरों को घुसने से रोकने के लिए मॉस्किटो रेपलेंट्स शाम के समय जरूर जलाएं. आप इन्हें आसानी से मार्केट से खरीद सकते हैं. खिड़की-दरवाजे शाम होने से पहले ही बंद कर दें. अच्छी कंपनी का रेपलेंट यूज करें, ताकि घर में मौजूद बच्चों, बुजुर्गों को इसकी स्मेल से कोई समस्या न हो.
3. Permethrin युक्त स्प्रे कपड़ों पर सुरक्षित रूप से लगाया जा सकता है. इससे मच्छर आपके आसपास भी नहीं फटकेंगे. डीईईटी (DEET) युक्त मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे त्वचा पर लगाएं.
4. यदि आपके इलाके में बहुत मच्छर हैं, तो आप रात में सोने से पहले मच्छरदानी जरूर लगा लें. यह आपको सोते समय मच्छरों से बचाएगी.
5. घर के आसपास पानी जमा न होने दें. कूलर, पानी की टंकी की सफाई रेगुलर करें. घर के बाहर नालों की सफाई करवाएं. रुके हुए पानी में ये मच्छर पनपते हैं.