साइबर लिटरेसी- विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी: कैसे पहचानें वीजा स्कैम, विदेश में जॉब अप्लाय करते हुए बरतें 10 सावधानियां

7 मिनट पहलेलेखक: संदीप सिंह

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मुंबई के एक व्यक्ति ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 7 लोगों से 36 लाख रुपए की ठगी की है। मोहम्मद शफीक ने ‘फेक कंसल्टेंसी ऑफिस’ खोलकर नकली वीजा, अपॉइंटमेंट लेटर और टिकट देकर लोगों से पैसे ऐंठे। ठगी का शिकार हुए लोगों की शिकायत पर जब दस्तावेजों की जांच हुई तो सच्चाई सामने आई।

विदेश में नौकरी और वीजा से जुड़े स्कैम बढ़ रहे हैं। नौकरी की तलाश कर रहे और विदेश जाकर अच्छी जिंदगी का सपना देख रहे युवा इसका सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं।

इसलिए आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम वीजा स्कैम की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • वीजा स्कैम क्या है?
  • इससे कैसे बचें?
  • किन सरकारी प्लेटफॉर्म से सही जानकारी मिलेगी?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- वीजा स्कैम क्या होता है?

जवाब- वीजा स्कैम में ठग फर्जी कंसल्टेंसी के जरिए लोगों को विदेशी नौकरी या वर्क वीजा का लालच देकर पैसे वसूलते हैं। ये लोग नकली वीजा, ऑफर लेटर और फ्लाइट टिकट तक बनवा देते हैं, ताकि लोगों को स्कैम की भनक न लगे। बाद में जब व्यक्ति विदेश जाने की कोशिश करता है, तो उसे पता चलता है कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं।

सवाल- ऐसे स्कैमर्स किन लोगों को टारगेट करते हैं?जवाब- ये ठग हर उम्र, बैकग्राउंड और इनकम लेवल के लोगों को निशाना बनाते हैं। हालांकि, इसका शिकार सबसे ज्यादा वे युवा बनते हैं, जो विदेश में बेहतर करियर या सैलरी की तलाश में होते हैं।

सवाल- अगर एजेंट कहे कि हाई कमिशन जाकर वीजा मिलेगा तो क्या करें?

जवाब- अगर कोई एजेंट ऐसा कहता है तो यह स्कैम हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे सभी देशों के वीजा पूरी तरह ऑनलाइन प्रोसेस से बनते हैं। हाई कमिशन कभी किसी व्यक्ति को बुलाकर वीजा नहीं सौंपता है।

सवाल- वीजा एप्लिकेशन की प्रोसेस कैसे चेक करें?

जवाब- ImmiAccount के जरिए अपने आवेदन की प्रोसेस चेक कर सकते हैं। अगर एजेंट ने अप्लाई किया है तो उससे लॉगिन डिटेल मांगकर आप इसे चेक कर सकते हैं। वीजा कंडीशंस, वीजा एनटाइटलमेंट वेरिफिकेशन ऑनलाइन (VEVO) पर चेक करें।

सवाल- अगर आपकी पर्सनल जानकारी जैसे पासपोर्ट, आधार और डेट ऑफ बर्थ स्कैमर्स के पास चली जाए तो क्या करें?

जवाब- ऐसा होने पर तुरंत पुलिस में शिकायत करें। आप साइबर क्राइम की वेबसाइट cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट कर सकते हैं। अगर आपका डेटा ImmiAccount में किसी और ने इस्तेमाल किया है तो ImmiAccount टेक्निकल सपोर्ट फॉर्म भरें।

सवाल- अगर किसी ने फर्जी दस्तावेज देकर ठग लिया तो क्या अब भी कुछ हो सकता है?

जवाब- ऐसा नहीं है कि ठगी के बाद कुछ नहीं हो सकता है। ऐसे मामलों में सबसे पहले तो रिपोर्ट दर्ज करवाना बेहद जरूरी होता है। इससे पुलिस के लिए स्कैमर्स पर कार्रवाई करना आसान हो जाता है। आपको जैसे ही यह पता चले कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है तो तुरंत सबूतों के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होती है, पैसों की रिकवरी के चांस उतने ही ज्यादा होते हैं।

सवाल- क्या वीजा स्कैम में इस्तेमाल की गई वेबसाइट्स असली जैसी दिखती हैं?

जवाब- हां, स्कैमर्स असली कंपनी या एंबेसी की वेबसाइट की हूबहू कॉपी बनाते हैं। इसलिए URL ध्यान से देखना चाहिए। सरकारी वेबसाइट में हमेशा .gov या .nic.in जैसे डोमेन होते हैं, जबकि फेक वेबसाइट में स्पेलिंग में हल्की गलती होती है या .com.in जैसे संदिग्ध डोमेन हो सकते हैं।

सवाल- क्या स्कैमर्स ऑफर लेटर या वीजा स्टैंप भी भेजते हैं?

जवाब- हां, वे नकली ऑफर लेटर और वीजा डॉक्यूमेंट PDF के रूप में भेजते हैं, जिनमें फर्जी कंपनी लोगो, सिग्नेचर और यहां तक कि QR कोड भी होता है। इन्हें वैरिफाई करने के लिए सीधे उस देश की एंबेसी या कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करें।

सवाल- अगर कॉल इंटरनेशनल नंबर से आ रही है, तो क्या वो असली होगी?

जवाब- ऐसा जरूरी नहीं है। स्कैमर्स VOIP कॉलिंग के जरिए फर्जी इंटरनेशनल नंबर दिखा सकते हैं। केवल कॉल की लोकेशन से किसी की असलियत तय नहीं की जा सकती है।

सवाल- क्या कोई भी प्रोसेसिंग फीस पहले देनी चाहिए?

जवाब- नहीं, अगर कोई एजेंट जॉब मिलने से पहले प्रोसेसिंग फीस, मेडिकल फीस या वीजा शुल्क मांगता है, तो सावधान हो जाएं। ज्यादातर असली प्रोसेस में फीस कंपनी या सरकार द्वारा तय होती है और ये प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट होती है।

सवाल- क्या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाली विदेश नौकरी की जानकारी भरोसेमंद होती है?

जवाब- नहीं, ज्यादातर मामलों में ये स्कैम होता है। Facebook, WhatsApp, Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर स्कैमर्स जॉब ऑफर के नाम पर लोगों को फंसाते हैं। कभी भी बिना जांच-पड़ताल के ऐसे लिंक या ऑफर पर भरोसा न करें। अच्छी कंपनियां लिंक्डइन, इंडीड जैसे प्लेटफॉर्म में वेकेंसी की अपडेट देती हैं।

सवाल- कैसे पता करें कि एजेंट द्वारा दिया गया वीजा असली है?

जवाब- कई स्कैमर असली जैसे दिखने वाले नकली वीजा, जॉब ऑफर लेटर और अप्रूवल लेटर बनाकर लोगों को धोखा देते हैं। वीजा की वैधता केवल अधिकृत दूतावास या सरकारी पोर्टल से कन्फर्म करें।

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