बुर्ज खलीफा की लिफ्ट 124वीं फ्लोर तक 120 सेकंड में कैसे पहुंचती है, होश उड़ा…

Burj Khalifa Elevator: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई में शान से खड़ी बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारत है. 828 मीटर (लगभग 2,717 फीट) की प्रभावशाली ऊंचाई और 160 से अधिक मंजिलों के साथ यह आधुनिक वास्तुकला और मानव इंजीनियरिंग की असाधारण क्षमताओं का एक जीवंत प्रमाण है. यह अद्भुत बिल्डिंग दुनिया भर पर्यटकों को दुबई की ओर आकर्षित करती है. यह केवल एक ऊंची इमारत नहीं, बल्कि होटल, लक्जरी रेस्टोरेंट और शानदार ऑब्जर्वेशन डेस्क (Observation Decks) का केंद्र है, जिसने इसे विश्व के आधुनिक महान अजूबों में अपना स्थान दिलाया है.

आज के दौर में इस विशाल ऊंचाई तक पहुंचना लिफ्टों और एस्केलेटरों के बिना अकल्पनीय है. यही कारण है कि बुर्ज खलीफा में एक अत्याधुनिक लिफ्ट सिस्टम लगाया गया है. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि बुर्ज खलीफा की लिफ्टें कितनी ऊंचाई तक जाती हैं और उनकी स्पीड कितनी तेज है. ये लिफ्टें अत्यंत तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती हैं जिसकी स्पीड निश्चित रूप से आपको आश्चर्यचकित कर देगी जो इस इमारत की भव्यता के अनुरूप है.

हैरान करने वाली स्पीड
क्या आप जानते हैं कि बुर्ज खलीफा की लिफ्ट आपको दो मिनट में 124वीं मंजिल तक पहुंचा देती है. एक रिपोर्ट के अनुसार यह 120 सेकंड में 124वीं मंजिल तक पहुंच जाती है. बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है, और जब भी लोग इसे देखते हैं तो सचमुच सांसें थम जाती हैं. इस लिफ्ट की स्पीड हैरान करने वाली है. 828 मीटर ऊंची बुर्ज खलीफा की जमीन से चोटी तक पहुंचने में इसे एक मिनट से भी कम समय लगता है. यानी 10 मीटर प्रति सेकंड की वर्टिकल स्पीड के साथ. यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि बुर्ज खलीफा में दुनिया की सबसे तेज लिफ्टों में से एक है. वास्तव में, यह दुनिया की तीसरी सबसे तेज लिफ्ट है.

57 लिफ्ट हैं बुर्ज खलीफा में
बुर्ज खलीफा में 57 लिफ्ट और 8 एस्केलेटर हैं जो हर दिन हजारों लोगों को लाने- ले जाने का काम करती हैं. बुर्ज खलीफा की लिफ्ट 10 मीटर प्रति सेकंड की गति से चलती है, यानी यह 36 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती है. 828 मीटर ऊंची बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है. भव्य बुर्ज खलीफा का अनावरण 4 जनवरी, 2010 को हुआ था. इसे ऑर्किटेक्ट एड्रियन स्मिथ द्वारा डिजाइन किया गया है. इसका मालिकाना हक एमार प्रॉपर्टीज के पास है, जो दुबई की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी है. इस कंपनी की स्थापना अमीरात के एक बिजनेसमैन और कंपनी के चेयरमैन मोहम्मद अलब्बार ने की थी.

बुर्ज खलीफा में 57 लिफ्ट और 8 एस्केलेटर हैं जो हर दिन हजारों लोगों को लाने- ले जाने का काम करती हैं.

किस तकनीक ने बनाया संभव
बुर्ज खलीफा का लिफ्ट सिस्टम ओटिस (Otis) कंपनी ने डिजाइन किया और लगाया है. इसे विशेष रूप से हाई स्पीड लिफ्टों के लिए डिजाइन किया गया है. लिफ्ट को इतनी तेजी से ऊपर खींचने के लिए इसमें अत्यधिक शक्तिशाली और उच्च-टॉर्क (High-Torque) मोटर्स का उपयोग किया जाता है. ये मोटर विशेष रूप से लिफ्ट के शाफ़्ट (Shaft) में लगे ट्रैक्शन शीव (Traction Sheave) को घुमाते हैं जो स्टील की रस्सियों (केबल्स) को खींचते हैं. पारंपरिक लिफ्टों की तुलना में ये मोटरें अधिक एनर्जी सेवर होती हैं और लगातार हाई स्पीड बनाए रखने में सक्षम होती हैं.

टिकाऊ और हल्के केबल्स
इतनी ऊंचाई तक जाने के लिए केबलों का वजन एक बड़ी समस्या बन जाता है. पारंपरिक स्टील केबल बहुत भारी होते हैं, जिससे लिफ्ट पर अतिरिक्त भार पड़ता है और स्पीड कम हो जाती है. बुर्ज खलीफा की लिफ्टों में संभवतः कार्बन फाइबर (Carbon Fiber) या अन्य उन्नत, हल्के और मजबूत सिंथेटिक सामग्री से बने केबलों का उपयोग किया गया है. ये केबल पारंपरिक स्टील केबलों की तुलना में बहुत हल्के होते हैं, जिससे लिफ्ट को कम एनर्जी में अधिक तेजी से चलाया जा सकता है.

एयरोडायनेमिक डिजाइन और गाइड रेल्स
तेज गति से चलने पर लिफ्ट का कैप्सूल (कैब) शाफ़्ट के अंदर हवा का दबाव और हवा का खिंचाव पैदा करता है. लिफ्ट का डिजाइन एयरोडायनेमिक होता है ताकि हवा के प्रतिरोध को कम किया जा सके. इसके अलावा शाफ़्ट के अंदर विशेष गाइड रेल्स (Guide Rails) और रोलर्स (Rollers) लगे होते हैं जो हाई स्पीड पर भी लिफ्ट को स्थिर रखते हैं और किसी भी तरह के झटके या कंपन को रोकते हैं.

प्रेशर कंट्रोल सिस्टम
इतनी तेजी से ऊंचाई बदलने पर यात्रियों को कानों में दबाव महसूस हो सकता है. इस समस्या को कम करने के लिए लिफ्ट कैप्सूल के अंदर एक दबाव नियंत्रण प्रणाली (Pressure Control System) स्थापित किया गया है. यह सिस्टम लिफ्ट के अंदर के हवा के दबाव को धीरे-धीरे समायोजित करती है, जिससे यात्रियों को ऊंचाई में तेजी से बदलाव का अनुभव कम होता है और यात्रा आरामदायक बनी रहती है.

रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम
जब लिफ्ट नीचे उतरती है, तो यह अपने वजन के कारण गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) उत्पन्न करती है. बुर्ज खलीफा की लिफ्टें एक रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम का उपयोग करती हैं, जो इस गतिज ऊर्जा को बर्बाद होने के बजाय बिजली में परिवर्तित करके इमारत की पावर ग्रिड में वापस भेज देती है. यह न केवल ब्रेकिंग को सुरक्षित बनाता है बल्कि एनर्जी एफिशिएंसी को भी बढ़ाता है.

कैसे मिलती है सुरक्षा और आराम
इतनी तेज गति के बावजूद लिफ्ट की यात्रा अविश्वसनीय रूप से स्मूथ होती है. यह सब अतिरिक्त सुरक्षा और कंट्रोल सिस्टम के कारण होता है. एक अत्याधुनिक माइक्रोप्रोसेसर-आधारित नियंत्रण प्रणाली लिफ्ट की स्पीड, एक्सेलेरेशन और डिएक्सेलेरेशन को हर पल समायोजित करती है. जिससे ओवरशूटिंग और अचानक रुकने की समस्या नहीं होती. इसमें कई तरह के ब्रेकिंग सिस्टम होते हैं, जैसे मैकेनिकल ब्रेक, आपातकालीन ब्रेक और विद्युत चुम्बकीय ब्रेक. जो किसी भी विफलता की स्थिति में लिफ्ट को तुरंत और सुरक्षित रूप से रोक सकते हैं.

बनी दुबई की खास पहचान
एक फिर बुर्ज खलीफा की बात करते हैं. यह एफिल टॉवर से तीन गुना और एम्पायर स्टेट बिल्डिंग से लगभग दोगुनी ऊंची है. अगर इसके सभी हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ दिया जाए तो वे दुनिया के एक-चौथाई हिस्से तक फैले होंगे. बादलों को चीरती हुई इसकी ऊंचाई इस प्रतिष्ठित इमारत के सबसे उल्लेखनीय पहलुओं में से एक है. यह पारंपरिक इस्लामी स्थापत्य तत्वों और अत्याधुनिक तकनीक का बेहतरीन मिश्रण है. यह एक ऐसा स्मारक भी है जिसने दुबई के होराइजन को हमेशा के लिए बदल दिया और गगनचुंबी इमारतों के लिए नए वैश्विक मानक स्थापित किए. बुर्ज खलीफा का Y-आकार का फ्लोर प्लान हाइमेनोकैलिस फूल से प्रेरित है और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी प्रदान करता है. यह इमारत के मनमोहक सौंदर्य में भी चार चांद लगाता है. रिफ्लेक्टिव ग्लेज़िंग से सुसज्जित इसका बाहरी भाग दिन के उजाले में चमकता है और रात होते ही एक मनमोहक दृश्य में बदल जाता है.

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