Last Updated:
Nitin Gadkari Weight Loss Secret: अगर आप केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बीजेपी अध्यक्षता के समय देखा होगा तो अंदाजा लगा सकते हैं कि उस समय उनका वजन कितना बढ़ा हुआ था. लेकिन उन्होंने वजन घटाने के लिए गजब का ट्रांसफॉर्मेशन किया. इसी की बदौलत 135 किलो से वे 89 किलो के हो गए. नितिन गडकरी ने इस जर्नी के बारे में खुद बताया है कि कैसे उनका वजन कम हुआ. आप भी इस सीक्रेट फॉर्मूला को जान सकते हैं.
Nitin Gadkari Weight Loss Secret: भारतीय राजनीति में साफ छवि और स्पष्टवादी नेताओं में पहचाने बनाने वाले नितिन गडकरी एक समय अपने बढ़ते वजन से बेहद परेशान रहते थे. उनका वजन 135 किलोग्राम तक पहुंच गया था. लेकिन उन्होंने कठिन अनुशासन की बदौलत 46 किलो वजन घटा लिया और अब वे 89 किलो के रह गए. जब फराह खान अपने बिहारी कुक दिलीप के साथ उनके घर गए और पूछा कि इतना वजन आपने कैसे घटाया तो उन्होंने बेहद साफागोई से इस वेट लॉस जर्नी के सारे सीक्रेट फॉर्मूले खोल दिए. आप यहां उनके डाइट प्लान और वेट लॉस फॉर्मूले को आसानी से समझ सकते हैं.
1 बजे रात तक करते हैं काम
फराह खाने के साथ संवाद में नितिन गडकरी ने कहा, अभी रात के 9:30 बज रहे हैं और आपसे मुलाकात के बाद मेरी अपॉइंटमेंट्स रात 1 बजे तक हैं. इसके बाद मैं सुबह 7 बजे उठूंगा और ढाई घंटे तक एक्सरसाइज करूंगा. आप इस दिनचर्या के सकारात्मक प्रभाव मेरे चेहरे पर देख सकते हैं. क्योंकि एक समय मेरा वजन 135 किलो था और अब मेरा वजन 89 किलो है. गडकरी ने कहा मरी वेट लॉस जर्नी को लेकर एएनआई के साथ एक पॉडकास्ट में चर्चा हो चुकी है. गडकरी ने बताया था कि उन्होंने कोविड के बाद 46 किलो वजन कम किया. उन्होंने इस बदलाव को सिर्फ दिखावे से जुड़ा नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा हुआ बताया. गडकरी ने कहा कि सालों से काम में इतना व्यस्त हो गया कि सेहत को नजरअंदाज करता रहा. पहले मेरी जिंदगी बहुत अनियोजित और अनुशासनहीन थी. जी हां, अनुशासनहीन? लेकिन अब में सख्त नियम का पालन करता हूं. आज मैं हर दिन ढाई घंटे तक एक्सरसाइज करता हूं.
7 बजे से शुरू हो जाता है व्यायाम
नितिन गडकरी ने फराह खान को बताया कि वे 1 बजे रात तक लोगों से मिलते हैं. इसके बाद सुबह 7 बजे उठ जाते हैं और सबसे पहले प्राणायाम करते हैं. इसके बाद वे अन्य एक्सरसाइज करते हैं. उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान मेरे जो दोस्त मेरे साथ थे, उनका निधन हो गया. तब मुझे लगा कि मुझे खुद को बदलना होगा. गडकरी ने बताया कि वो मेरे जीवन का सेहत के हिसाब से टर्निंग प्वाइंट था. इसके बाद मैंने अपनी दिनचर्या और सोच को हमेशा के लिए बदल दिया. इसके लिए वजन कम करना तो सेकेंडरी बात है लेकिन इससे मैंने अपने जीवन को समझा. उन्होंने कहा कि हेल्थ ही आपका सबसे बड़ा धन है. अगर सेहत साथ छोड़ दें तो सक्सेस और या सार्वजनिक पहचान का कोई खास अर्थ नहीं रह जाता. फराह खान ने जब पूछा कि आप फिट रहने के लिए कौन-कौन सी एक्सरसाइज करते हैं तो उन्होंने कहा कि प्राणायाम, स्ट्रेचिंग, स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज़ मेरा रोजाना का काम है. इसके लिए मैंने एक ट्रैंड ट्रैनर रखा हुआ है.
ढाई घंटे एक्सरसाइज कितना व्यावहारिक
इंडियन एक्सप्रेस की खबर में सीनियर फिटनेस और लाइफ़स्टाइल कंसल्टेंट साधना सिंह बताती हैं कि आज के समय में जब लोगों के पास इतनी व्यसतताएं हैं ढाई घंटे की एक्सरसाइज करना संभव नहीं है. नितिन गडकरी यह कर सकते हैं क्योंकि ऐसी दिनचर्या इसलिए कारगर होती है क्योंकि इसमें सिर्फ़ समय नहीं, बल्कि निरंतरता और एक सुव्यवस्थित ढांचा होता है. कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि एक आम हेल्दी इंसान के लिए आधे से पौन घंटे की संतुलित एक्सरसाइज पर्याप्त है. हां, इसमें भी निरंतरता की जरूरत होती है. इसमें आप कार्डियो गतिविधियां, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और मोबिलिटी वर्क को शामिल कर सकते हैं. जब इन एक्सरसाइज को सही तरीके से एक साथ अपनाया जाता है, तो ये बेहद प्रभावी साबित होते हैं.
प्राणायाम के फायदे
प्राणायाम तनाव को नियंत्रित करने और हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जिसका सीधा असर भूख, फैट स्टोरेज और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर पड़ता है. स्ट्रेचिंग जोड़ों के स्वास्थ्य, रक्त संचार और रिकवरी को बेहतर बनाती है, जिससे चोट के बिना लंबे समय तक सक्रिय रहना आसान होता है. साधाना सिंह कहती हैं कि वजन ज्यादा बढ़ने के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि यह मांसपेशियों के द्रव्यमान को फिर से बनाने में मदद करती है. इसके साथ ही यह रेस्टिंग मेटाबॉलिक रेट बढ़ाती है और ग्लूकोज़ मेटाबॉलिज़्म में सुधार करती है. केवल कैलोरी कम करने या कार्डियो पर आधारित वजन घटाने से अक्सर मांसपेशियों की हानि और दोबारा वजन बढ़ने की समस्या होती है. इसलिए सांसों वाली एक्सरसाइज जैसे कि प्राणायाम, कपाल भाति, मोबिलिटी और क्रमिक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का संयोजन ज्यादा फायदेमंद है.
About the Author
18 साल से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा। लक्ष्मी नारायण ने अपने लंबे करियर में डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक के विभिन्…और पढ़ें