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नरसिंहपुर में 80 लाख रुपये की सबसे बड़ी लूट की वारदात फिल्मी कहानी निकली. होटल कुसुम वैली में हुई इस डकैती में बाहरी नहीं बल्कि होटल के भरोसेमंद कर्मचारी ही मास्टरमाइंड निकले. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 66 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है.
नरसिंहपुर पुलिस ने लूट का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है.
नरसिंहपुर. जिले में हुई अब तक की सबसे बड़ी नकद लूट की वारदात ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है. शहर के बीचों-बीच स्थित होटल कुसुम वैली में करीब 75 से 80 लाख रुपये की लूट कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि होटल के भीतर भरोसेमंद माने जाने वाले कर्मचारियों की साजिश निकली. पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई और जांच आगे बढ़ी तो मामला किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं निकला. पुलिस ने खुलासा किया कि अंदरूनी जानकारी, लालच और आपराधिक नेटवर्क के जरिए इस बड़ी लूट को अंजाम दिया गया.
कैसे हुई पूरी वारदात
पुलिस के अनुसार यह वारदात दरमियानी रात करीब 02.30 बजे हुई. नकाबपोश बदमाश हथियारों और कट्टे के साथ होटल कुसुम वैली में दाखिल हुए. कर्मचारियों को डराकर उन्होंने होटल में रखी नकदी पर हाथ साफ किया और मौके से फरार हो गए. घटना स्थल पर कोई बाहरी तोड़फोड़ नहीं मिलने से शुरू से ही पुलिस को अंदरूनी साजिश की आशंका थी.
सीसीटीवी ने खोली साजिश की परतें
होटल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई. फुटेज में लुटेरों की गतिविधियां तो दिखीं ही, साथ ही होटल स्टाफ की संदिग्ध हरकतों ने जांच की दिशा बदल दी. स्टेशनगंज थाना प्रभारी सहित जिले की पांच टीमों ने लगातार फुटेज का विश्लेषण किया और कर्मचारियों की भूमिका पर नजर रखी.
होटल मैनेजर से टूटी कड़ी
पूछताछ के दौरान होटल मैनेजर चंद्रेश रजक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया. पुलिस को बताया गया कि होटल कर्मचारी अनुज कुमार को पहले से जानकारी थी कि होटल में बड़ी मात्रा में नकदी रखी है. लालच में आकर उसने चंद्रेश रजक और राकेश शुक्ला के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई.
अपराधियों को कैसे जोड़ा गया
पुलिस जांच में सामने आया कि योजना को अंजाम देने के लिए पेशेवर अपराधियों को शामिल किया गया. मोनू उर्फ टूईया वंशकार सहित अन्य बदमाशों को बुलाया गया. सभी ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और रकम आपस में बांट ली. लेकिन पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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