सर्दियों में गुड़हल के पौधे में नहीं आ रही कलियां? DAP मिलाकर छिड़क दें ये जादुई घोल, खिलेंगे ढेरों फूल

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Gudhal Plant Care Tips: सर्दियों में गुड़हल के पौधे में कलियां और फूल न आना आम समस्या है. ठंड, धूप की कमी और सही देखभाल न मिलने से पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. लेकिन अगर सही जगह पर धूप मिले, पानी सही मात्रा में दिया जाए और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाए जाएं, तो सर्दियों में भी गुड़हल का पौधा कलियों और खूबसूरत फूलों से भर सकता है. आइए जानते हैं कुछ आसान टिप्स.

गुड़हल का पौधा हर घर, बालकनी या गार्डन की खूबसूरती बढ़ा देता है. इसके बड़े-बड़े रंग-बिरंगे फूल किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. लेकिन अक्सर सर्दियों में लोग शिकायत करते हैं कि गुड़हल के पौधों में न तो कलियां आती हैं और न ही फूल खिलते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंडी मौसम, धूप की कमी और पोषक तत्वों की कमी से पौधे की ग्रोथ धीमी हो जाती है. मगर अगर आप कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाएँ, तो सर्दियों में भी आपका गुड़हल का पौधा कलियों और फूलों से भर सकता है.

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जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार बताते हैं कि गुड़हल दिखने में जितना सुंदर और आकर्षक होता है, उतना ही इसका सही रख-रखाव जरूरी है. सर्दियों में कम तापमान के कारण पौधों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और फूलों की संख्या कम हो जाती है. लेकिन सही देखभाल से आप गुड़हल के पौधों में नई कलियां और फूल आसानी से ला सकते हैं.

गुड़हल एक धूप पसंद करने वाला पौधा है. इसे छाया में रखने से ढेरों फूल नहीं आते. अपने गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो. धूप मिलने से पौधा अपना भोजन बेहतर बना पाता है और फूल बड़े और सुंदर होते हैं.

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गुड़हल प्लांट केयर टिप्स

पौधे पर अगर पीली और सूखी पत्तियां दिखें, तो उन्हें तुरंत हटा दें. ये पौधे की ऊर्जा बेकार में ले लेती हैं. फूलों के मुरझाने के 2 दिन बाद उन्हें टहनी से तोड़कर हटा दें. पुराना फूल अगर लगे रहेगा तो पौधा बीज बनाने में ऊर्जा लगाएगा और नए फूल नहीं आएंगे.

गमले की मिट्टी में उगने वाले खरपतवार और सूखी पत्तियां भी पोषक तत्व चुरा लेती हैं. इसलिए समय-समय पर इन्हें साफ करें. महीने में कम से कम दो बार खुरपी से मिट्टी की 2-3 इंच गहरी हल्की जुताई करें. इससे जड़ें मजबूत होंगी और मिट्टी में ऑक्सीजन अच्छी तरह पहुंचेगी.

गुड़हल को नमी पसंद है, लेकिन जड़ों में पानी खड़ा होना इसके लिए जहर के समान है। गमले की मिट्टी ऐसी होनी चाहिए कि पानी डालते ही नीचे के छेद से बाहर निकल जाए। अगर गमले में पानी जमा रहेगा, तो जड़ें गलने लगेंगी और कलियां खिलने से पहले ही गिर जाएंगी। हमेशा मिट्टी को छूकर देखें, अगर ऊपरी परत सूखी लगे तभी पानी दें।

गुड़हल को नमी पसंद है, लेकिन जड़ों में पानी जमा होना खतरनाक है. गमले की मिट्टी ऐसी हो कि पानी डालते ही नीचे के छेद से निकल जाए. मिट्टी को छूकर देखें, अगर ऊपरी परत सूखी हो तभी पानी दें. ज्यादा पानी से जड़ें गल सकती हैं और कलियां गिर सकती हैं.

गुड़हल

फूलों की संख्या बढ़ाने के लिए प्याज का पानी बहुत असरदार है. प्याज के छिलकों में पोटैशियम और सल्फर भरपूर मात्रा में होता है. मुट्ठी भर प्याज के छिलकों को एक बर्तन पानी में डालकर 24-48 घंटे छोड़ दें. पानी का रंग गहरा होने के बाद छिलकों को छान लें. अब इसमें DAP के 10-15 दाने डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि पूरी तरह घुल जाए.

गुड़हल

इस घोल में थोड़ा और पानी मिलाकर लगभग 1 लीटर तैयार करें. यह 14 इंच के गमले के लिए पर्याप्त है. मिट्टी की हल्की जुताई के बाद महीने में एक बार यह घोल डालें. कुछ ही दिनों में आप देखेंगे कि पौधे पर नई कलियां आने लगेंगी और फूलों का रंग गहरा और चमकदार होगा.

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सर्दियों में गुड़हल के पौधे में नहीं आ रही कलियां? DAP मिलाकर छिड़क दें ये घोल

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