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इजरायल और हमास के बीच शांति समझौता टूटने की कगार पर है। रविवार को IDF ने हमास के हमले का जवाब गाजा पर एयरस्ट्राइक से दिया है। हमास ने इससे पहले इजरायली सैनिकों पर अटैक किया था। इस बवाल के बीच भी दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत साबित करने में जुटे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने सरकारी बैठक की शुरुआत में दिए संबोधन में लंबी चली जंग को एक दिलचस्प नाम देने का फैसला सुनाया है। उन्होंने भाषण में इस नाम के पीछे की पूरी कहानी भी बयान की है।
The War of Redemption का ऐलान
क्या है इस नाम के पीछे की कहानी?
उन्होंने आगे कहा ‘हम अपने पैरों पर खड़े हुए और अपने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया। हमने अपने ऊपर से ईरानी धुरी के खतरे का नामोनिशान मिटा दिया और इजरायल की धरती पर राष्ट्रीय पाप मुक्ति प्रोजेक्ट की स्थापना की। ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के दौरान, मैंने अपनी उस महान नियति पर जोर दिया जो हमें विरासत में मिली है: ‘लोग शेर की तरह उठ खड़े होंगे’। यह पूरे अभियान का सत्य है: यह हमारे लोगों का मोक्ष का युद्ध है, जो स्वतंत्रता संग्राम का सीधा विस्तार है।
नेतन्याहू ने कहा कि ‘हम अपने बहादुर सैनिकों और कमांडरों को वीरता पदक और प्रशस्ति पत्र से भी सम्मानित करने वाले हैं। पिछले सैन्य अभियानों की तरह, इस अभियान के पदकों पर भी War of Redemption का आधिकारिक नाम अंकित होगा।
कैसे टूटा Israel Hamas शांति समझौता?
बता दें कि शुक्रवार को इजरायली सैनिकों पर हमास द्वारा किए गए हमले के बाद नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया और उन्हें गाजा पट्टी में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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