मेडिकल कॉलेज में बना है हर्बल गार्डन, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का है संगम

हजारीबाग: झारखंड में हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आयुष विभाग ने अपने परिसर में एक अनोखा हर्बल गार्डन तैयार किया है. इस बगीचे में 100 से ज्यादा औषधीय गुणों और आयुर्वेदिक गुणों वाले पौधे लगाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों के इलाज में किया जा सकता है. साथ ही अस्पताल आए मरीजों को आयुर्वेद के तरफ जोड़ने का एक बेहतरीन उदाहरण भी साबित हो रहा है. लोग इस गार्डन में आकर आयुर्वेद के बारे में विस्तृत रूप से जान पा रहे हैं.

मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर ने बताया

अस्पताल की आयुष विभाग की डॉक्टर शिखा खंडेलवाल बताती हैं कि आजकल लोग छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी महंगी और ताकतवर दवाओं का इस्तेमाल करते हैं. एलोपैथी दवाएं जल्दी असर तो दिखाती हैं, लेकिन उनके साइड इफेक्ट भी होते हैं. इसके मुकाबले आयुर्वेद न सिर्फ सुरक्षित है. बल्कि सस्ता और हर तरह से फायदेमंद भी है. इसी सोच के साथ आयुष विभाग ने इस गार्डन की शुरुआत की है. ताकि लोग आयुर्वेद से फिर जुड़ सकें.

जीवनदायिनी से कम नहीं हैं ये पौधे

उन्होंने आगे बताया अस्पताल परिसर में लगे पौधे किसी जीवनदायिनी से कम नहीं हैं. इनके सही इस्तेमाल से कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है. पेट से जुड़ी तकलीफों और सामान्य बीमारियों से परेशान मरीजों को यहां मुफ्त में हर्बल दवाएं भी दी जाती हैं. हालांकि यह केवल विशेष परिस्थितियों में ही उपलब्ध कराई जाती है.

गार्डन में एलोवेरा, पुदीना, लेमनग्रास, लौंग, हरसिंगार, सप्तपर्णी, अजवाइन के पत्ते, अश्वगंधा, सीतावर, तितराज, कपूर, शंखपुष्प और पत्थलचूर जैसे पौधे लगाए गए हैं. इसके अलावा घरेलू उपचार में काम आने वाले ब्राह्मी, हल्दी, तुलसी, गोखरू, बिल्व, गिलोय, आंवला, शतावरी, अदरक, नीम जैसे पौधे भी यहां मौजूद हैं.

मरीजों के लिए उपयोगी है हर्बल गार्डन

यह हर्बल गार्डन न सिर्फ मरीजों के लिए उपयोगी है. बल्कि आने वाले समय में शोध और ज्ञान का बड़ा केंद्र भी बन सकता है. इससे आयुर्वेदिक चिकित्सा को नई दिशा मिलेगी और लोग आधुनिक इलाज के साथ-साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा से भी जुड़ सकेंगे.

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