Today Weather Live: देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिन तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. (फाइल फोटो PTI)
- पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है.
- IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं.
दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश
- उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है.
- मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें.
दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है. (फाइल फोटो PTI)
बिहार में मौसम का बदलाव
- बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
- 6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है.
राजस्थान में मौसम ने ली करवट
मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश
मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज अस्थिर बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. 8 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे किसानों को नुकसान हो सकता है. हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो स्थानीय स्तर पर असर डाल सकती है. इस मौसमीय बदलाव के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम की अस्थिरता बनी रहेगी.
पहाड़ी राज्यों का मौसम
- उत्तराखंड: उत्तराखंड में 6 और 7 अप्रैल को मौसम काफी सक्रिय रहने की संभावना है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इससे यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
- हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में 7 और 8 अप्रैल को ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला जैसे जिलों में तेज हवाएं और बारिश हो सकती है. हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है.
- जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में 8 और 9 अप्रैल को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है. निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है. 12 अप्रैल के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना जताई गई है.
दक्षिण भारत का भी जान लीजिए हाल
दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है, खासकर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में. यहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है. नमी बढ़ने के कारण वातावरण में बदलाव आया है और इससे मौसम का मिजाज प्रभावित हुआ है. कुछ इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है, लेकिन बारिश के कारण उमस भी महसूस हो सकती है. यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है.
नॉर्थ ईस्ट में होगी लगातार बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय बना हुआ है और यहां लगातार बारिश हो रही है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. 8 और 9 अप्रैल को मौसम और ज्यादा गंभीर हो सकता है, जब भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
5 महत्वपूर्ण सवाल-जवाब:
क्या आने वाले दिनों में मौसम और खराब होगा?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिन तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि जारी रह सकती है. इसके बाद धीरे-धीरे सुधार की संभावना है, लेकिन पूरी तरह स्थिर होने में समय लग सकता है.
किसानों के लिए यह मौसम कितना खतरनाक है?
यह मौसम किसानों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण है. ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर गेहूं और फल-सब्जियों की फसल पर असर पड़ सकता है. किसानों को सतर्क रहने और फसल की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी गई है.
क्या बिजली गिरने का खतरा ज्यादा है?
हां, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. खुले स्थानों पर रहने से बचें. पेड़ों के नीचे खड़े न हों. सुरक्षित स्थान पर रहें. मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
तापमान पर इसका क्या असर पड़ेगा?
लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. कई राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है. इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम ठंडा और नम बना रहेगा.
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें. तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें. मौसम अपडेट पर नजर रखें. किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
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