OBC आरक्षण मामले में आज सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 10 याचिकाओं पर हाईकोर्ट करेगा सुनवाई, कमलनाथ सरकार में लाया गया था 27% रिजर्वेशन – Jabalpur News


मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने के विवाद पर अब एक बार फिर सुनवाई का केंद्र मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बन गया है। सुप्रीम कोर्ट के 21 फरवरी 2026 के आदेश के बाद आरक्षण से जुड़ी सभी लंबित याचिकाएं वापस हाईकोर्ट को भेज दी गई हैं, जिन पर आज से सुनवाई शुरू होगी। करीब 17 माह बाद हाईकोर्ट में इस महत्वपूर्ण मामले पर दोबारा बहस शुरू हो रही है। इससे पहले सितंबर 2024 में ओबीसी आरक्षण से संबंधित कुल 10 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थीं। क्या है पूरा मामला दरअसल, कमलनाथ सरकार के दौरान ओबीसी आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने के लिए अध्यादेश लाया गया था, जिसे बाद में कानून का रूप दे दिया गया। इस बदलाव के बाद राज्य में कुल आरक्षण 64% तक पहुंच गया था। इस फैसले को अनारक्षित वर्ग की छात्रा आशिता दुबे सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें तर्क दिया गया कि यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 50% की सीमा का उल्लंघन है। बता दें कि मध्य प्रदेश में ओबीसी के 27% आरक्षण पर न्यायिक विवाद लंबित है। कई भर्तियों में 14 प्रतिशत लागू किया था। वहीं छत्तीसगढ़ में अधिक आदिवासी आबादी को आधार बनाया। मामला कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को विशेष पीठ (स्पेशल बेंच) गठित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा गया कि तीन माह के भीतर सभी याचिकाओं का अंतिम निपटारा किया जाए। आरक्षण नीति की वैधता का परीक्षण राज्य की सामाजिक संरचना के आधार पर किया जाए। अब आगे क्या आज से शुरू हो रही सुनवाई में यह तय होगा कि 27% ओबीसी आरक्षण संवैधानिक रूप से वैध है या नहीं। इस फैसले का सीधा असर राज्य में भर्ती, शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि यह मामला न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि देशभर में आरक्षण नीति को लेकर एक अहम नज़ीर साबित हो सकता है। .

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *