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Eating Curd in Rainy Season: अगर आप बरसात के समय में रात को दही खाने के आदि हैं तो आज ही ये आदत बदल डालिए. जानें एक्सपर्ट ने क्याें मना किया…(रिपोर्ट:शिवांक द्विवेदी)

बघेलखंड अंचल में भी दही का सेवन विशेष रूप से लोकप्रिय है. बारिश के मौसम में अधिकांश लोग इसे अपने रात के खाने में भी शामिल करते हैं. लोग स्वाद और परंपरा के चलते इसे भोजन का अहम हिस्सा मानते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि रात में दही खाना आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है?

विशेषज्ञ के अनुसार, रात में दही खाने से गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. यह आदत लंबे समय तक चलने पर पाचन तंत्र को कमजोर बना सकती है. डायटिशियन ममता पांडे कहती हैं कि दही को सुबह या दोपहर में खाने से यह आसानी से पचता है और शरीर को संपूर्ण पोषण भी देता है.

दही को संपूर्ण आहार में अमृत के रूप में दर्जा दिया गया है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम, विटामिन डी, बी12, बी6 और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. दही में खास प्रकार के अमीनो एसिड पाए जाते हैं जो शरीर के अंगों की मरम्मत में सहायक होते हैं.

दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स जैसे लैक्टोबैसिलस हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया को सक्रिय रखते हैं. यह न सिर्फ पाचन सुधारते हैं बल्कि कुछ जरूरी हार्मोन्स के स्राव में भी मदद करते हैं.

डायटिशियन के मुताबिक, वजन बढ़ाने के लिए फुल क्रीम दूध से दही बनाना चाहिए. वहीं, वजन घटाने के इच्छुक लोग दूध की मलाई निकालकर दही जमाएं. दही को खाने में खा भी सकते हैं और छाछ के रूप में पीकर भी लाभ ले सकते हैं.

दही को गर्मियों में पानी में घोलकर खाने या छाछ के रूप में लेना चाहिए. मिट्टी के बर्तन में जमाया गया दही थोड़ा संतुलित और पाचन में हल्का होता है. बारिश के मौसम में दही का सेवन पूरी तरह से टालना चाहिए, क्योंकि यह संक्रमण और वात रोग बढ़ा सकता है.

गठिया (गाउट), आर्थराइटिस, जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को दही से परहेज करना चाहिए. आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ दोषों के अनुसार दही का सेवन करना चाहिए. वात प्रकृति वाले लोग दही में जीरा मिलाकर खाएं, पित्त वाले मिश्री और कफ वाले सोंठ, दालचीनी व काली मिर्च मिलाकर सेवन करें.

खट्टे फल, बैंगन, अचार और तली हुई चीज़ों के साथ दही खाना नुकसानदायक हो सकता है. दिनभर में गर्मी के मौसम में 150 ग्राम और सर्दियों में 100 ग्राम दही तक सेवन करें, लेकिन बरसात में बिल्कुल नहीं, दही एक संपूर्ण आहार है लेकिन इसके सेवन का समय, मात्रा और तरीका सही होना चाहिए.