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Health Tips: दादी-नानी का अनुभव कहता है कि हाथ से खाना खाने में छिपा है स्वास्थ्य और संतुलन का रहस्य. हाथ से खाने से पाचन बेहतर होता है, शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और मानसिक संतुलन भी मजबूत होता है. यह तरीका स्वाद और प्राकृतिक पोषण का भी खजाना है.
पुराने जमाने में जब दादी-नानी मिट्टी के चूल्हे पर भोजन बनाती थीं, तब खाने की थाली में छुरी, कांटा या चम्मच का इस्तेमाल बहुत कम होता था. परिवार ज़मीन पर चौकी पर बैठकर हाथ से ही भोजन करता था. यह न केवल परंपरा थी, बल्कि आपसी जुड़ाव और अपनापन बढ़ाने का तरीका भी था.

आयुर्वेद के अनुसार हमारे हाथ पंचमहाभूत यानी अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी और जल के प्रतीक माने जाते हैं. अंगूठा अग्नि का, तर्जनी वायु का, मध्यमा आकाश का, अनामिका पृथ्वी का और कनिष्ठा जल का प्रतिनिधित्व करती है. जब हम हाथ से खाते हैं, तो ये तत्व सक्रिय होकर शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाते हैं.

चम्मच या कांटे से खाने में जल्दबाजी हो जाती है, लेकिन हाथ से खाने पर भोजन की बनावट, तापमान और कंसिस्टेंसी को महसूस किया जाता है. इससे हम धीरे-धीरे खाते हैं और हर निवाले का स्वाद महसूस कर पाते हैं. यही कारण है कि हाथ से खाना माइंडफुल ईटिंग का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है.

वैज्ञानिक शोध भी बताते हैं कि हाथ से भोजन छूने से दिमाग को संदेश जाता है कि खाना आने वाला है. इससे लार और पाचन एंजाइम्स का स्राव बढ़ता है, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है. यह प्रक्रिया पेट संबंधी समस्याओं जैसे ब्लोटिंग और गैस से भी बचाती है.

जब हम हाथ से खाना खाते हैं, तो हम धीरे-धीरे खाते हैं. इससे ज्यादा खाने की आदत कम होती है और वजन नियंत्रित रहता है. साथ ही, धीरे-धीरे खाना खाने से भोजन का मज़ा बढ़ता है और तनाव भी कम होता है, जिससे हमारे शरीर के हार्मोन भी सही रहते हैं.

आजकल रेस्टोरेंट और होटलों में खाना खाने के लिए कांटे-चम्मच का इस्तेमाल करना ‘सिविलाइज्ड’ माना जाता है. लेकिन इस आदत की वजह से हम अपनी पुरानी परंपराओं से दूर हो रहे हैं. हाथ से खाना केवल सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परवरिश का भी हिस्सा था, जिसे अब धीरे-धीरे लोग भूलते जा रहे हैं.

समय चाहे कितना भी बदल जाए, हाथ से खाना खाने के फायदे आज भी उतने ही सही हैं. यह आदत सिर्फ शरीर को स्वस्थ नहीं रखती, बल्कि खाने के अनुभव को भी खास और शांतिपूर्ण बनाती है. यही कारण है कि आज भी लाखों लोग हाथ से खाना पसंद करते हैं और इसे आयुर्वेदिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं.