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Winter Health Tips: सर्दियों में पान खाने का यह पुराना घरेलू नुस्खा फिर चर्चा में है. दादाजी के मुताबिक, पान शरीर की गर्मी बढ़ाता है, गले को सुरक्षित रखता है और वायरल इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है. आयुर्वेद भी बताता है कि पान की पत्ती में मौजूद औषधीय तत्व सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और वायरल बुखार से बचाव में सहायक होते हैं.
सर्दियां आते ही वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और गले के इंफेक्शन तेजी से बढ़ जाते हैं.ऐसे समय में लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए तरह-तरह के घरेलू उपाय खोजते हैं. इन्हीं में से एक है पान जी हां, वही पान जिसे आमतौर पर लोग सिर्फ खाने की आदत या स्वाद के रूप में देखते हैं.लेकिन दादाजी का यह पुराना नुस्खा बताता है कि सर्दियों में रोज़ एक सादा पान खाया जाए, तो कई वायरल बीमारियों से काफी हद तक बचाव हो सकता है.

पहले के समय में जब मेडिकल सुविधाएं आज की तरह आसान नहीं थीं, तब बड़े बुजुर्ग घरेलू नुस्खों पर ही भरोसा करते थे.मेरे दादाजी बताते थे कि सर्दियों में घर पर पान के पत्तों को ज़रूर रखा जाता था.सुबह खाली पेट हल्का-सा सादा पान खाने की परंपरा थी, ताकि शरीर में गर्माहट बनी रहे और गले में जमा बलगम बाहर निकले. उनका मानना था कि पान के पत्ते शरीर को अंदर से साफ करने का काम करते हैं.

पान में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं.यह गले को साफ रखने में मदद करता है और संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को रोकने में सहायक हो सकता है.खासकर सर्दियों में जब लगातार मौसम बदलता रहता है, तो पान गले को सूखने से बचाता है और थ्रोट इंफेक्शन के चांस कम करता है.छोटे शहरों और गांवों में आज भी इसे एक तरह की हर्बल मेडिसिन माना जाता है.
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घर में जब भी किसी को सर्दी शुरू होती, तो दादाजी तुरंत पान का पत्ता गर्म करके भाप जैसा लगाते थे या कच्चा सादा पान खाने को दे देते. कई बार उन्होंने बताया कि पान पाचन प्रणाली को भी दुरुस्त करता है, जिससे इम्यूनिटी खुद-ब-खुद मजबूत होती है.यही वजह है कि उन्हें कभी वायरल बुखार या मौसम बदलने वाले इंफेक्शन जल्दी नहीं होते थे.

आजकल लोग इस नुस्खे को भूलते जा रहे हैं, लेकिन सर्दियों में यह बेहद कारगर माना जाता है.पान का पत्ता आसानी से मिल जाता है और कोई नुकसान नहीं करता, बशर्ते इसे सादा रूप में ही खाया जाए. सुबह या शाम एक हल्का पान शरीर को तंदुरुस्त रखने में मदद कर सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो बार-बार सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं.

आजकल लोग इस नुस्खे को भूलते जा रहे हैं, लेकिन सर्दियों में यह बेहद कारगर माना जाता है.पान का पत्ता आसानी से मिल जाता है और कोई नुकसान नहीं करता, बशर्ते इसे सादा रूप में ही खाया जाए.सुबह या शाम एक हल्का पान शरीर को तंदुरुस्त रखने में मदद कर सकता है.खासकर उन लोगों के लिए जो बार-बार सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं.

दादाजी का यह नुस्खा आज भी उतना ही असरदार है जितना पहले था. सर्दियों में अगर आप वायरल बीमारी से बचना चाहते हैं, तो रोज़ एक बार सादा पान खाने की आदत अपनाई जा सकती है. यह न सिर्फ आपकी इम्यूनिटी बढ़ाएगा बल्कि गले और सांस की नलियों को भी मजबूत बनाए रखेगा.