Health Tips For Chhath: 36 घंटे का निर्जला उपवास और ये भूल? डॉक्टर से जानें अस्पताल जाने से बचने के उपाय

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Health Tips For Chhath: छठ पूजा के 36 घंटे निर्जला व्रत के बाद वर्ती कमजोरी और डिहाइड्रेशन से बीमार पड़ते हैं. डॉ. स्वाति रंजन ने सही आहार क्रम अपनाने की सलाह दी है.

बेगूसराय: छठ पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और भक्ति का महापर्व है. लोग डूबते और उगते सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं . लेकिन इस पर्व का सबसे कठिन हिस्सा है 36 घंटे का निर्जला व्रत, यानी इस दौरान पानी की एक बूंद तक लेना वर्जित है .यह व्रत आपकी भक्ति की परीक्षा है, लेकिन इसी दौरान कई लोग अपनी सेहत के साथ समझौता कर बैठते हैं .हर साल हॉस्पिटल रिकॉर्ड बताते हैं कि छठ व्रत के बाद वर्ती बड़ी संख्या में अस्पताल एक छोटी सी गलती की वजह से पहुंचते हैं. समझिए यह रिपोर्ट

व्रत खत्म होते ही वर्ती बीमार क्यों पड़ते हैं?
आयुर्वेद रोग विशेषज्ञ और डाइट एक्सपर्ट डॉ. स्वाति रंजन ने लोकल 18 के सवालों का जवाब देते हुए बताया अचानक कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच जाते हैं. चुकीं व्रत खत्म होते ही वर्ती खाली पेट लंबे समय तक रहते हैं और सीधे भोजन कर लेते हैं. यही सबसे बड़ी गलती है. विशेषज्ञों की मानें तो भक्ति के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. 36 घंटे का निर्जला व्रत भले ही आपकी आस्था को मजबूत करे, लेकिन छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.

इन टिप्स को करें फॉलो 
डॉ. रंजन ने सस्पेंस स्टाइल में चेतावनी दी, “छठ व्रत समाप्त होते ही नारियल पानी का सेवन करें, जो प्रसाद में भी उपलब्ध होता है. इसके बाद नमक-चीनी का घोल बनाकर पिएं ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी हो सके. इसके बाद संतरा, नींबू जैसे फलों का सेवन करें और तभी भोजन शुरू करें. उन्होंने कहा कि यही सही क्रम है, वरना व्रत समाप्त होते ही शरीर अचानक कमजोर और बीमार पड़ सकता है. इसलिए छठ व्रत में सही आहार और समय पर भोजन करना वर्तियों के लिए अनिवार्य है. छठ महापर्व का संदेश भक्ति और श्रद्धा का है, लेकिन यह भी याद रखना जरूरी है कि आपकी सेहत आपकी भक्ति का आधार है. व्रत समाप्त होते ही सही क्रम में भोजन करके ही इस पर्व का आनंद और स्वास्थ्य दोनों बनाए रखा जा सकता है.

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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36 घंटे का निर्जला उपवास और ये भूल? जानें अस्पताल जाने से बचने के उपाय

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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