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Benefits of Kaunch Beej: कौंच के बीज मस्तिष्क में डोपामाइन बढ़ाकर मानसिक तनाव. चिंता और पार्किंसंस जैसे रोगों में राहत दिलाते हैं. यह नसों को मजबूती प्रदान करते हैं और शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं. आयुर्वेद में इसे दिमाग को शांत रखने वाली एक शक्तिशाली औषधि माना गया है.
प्राचीन काल से ही हमारे पूर्वज पेड़-पौधों और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के माध्यम से रोगों का उपचार करते आए हैं. विशेष रूप से ग्रामीण अंचलों में प्रचलित घरेलू नुस्खों में ऐसी कई प्रभावशाली औषधियां शामिल रही हैं. जो बिना किसी दुष्प्रभाव के शरीर को भीतर से शक्ति प्रदान करती थीं. इन्हीं चमत्कारी औषधियों में से एक है कौंच के बीज. यह पौधा आमतौर पर खेत-खलिहानों और जंगलों में स्वतः ही उग जाता है. दिखने में यह भले ही एक साधारण वनस्पति लगे. लेकिन इसके औषधीय गुण अत्यंत प्रभावशाली हैं.

कौंच के बीजों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये सीधे तौर पर हमारे मस्तिष्क की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं. ये न केवल दिमाग को मजबूती प्रदान करते हैं बल्कि मन को शांत रखने में भी सहायक होते हैं. वैज्ञानिक दृष्टि से इसमें प्राकृतिक L-Dopa पाया जाता है. जो दिमाग में खुशी का संचार करने वाले डोपामाइन (Dopamine) के स्तर को बढ़ाता है. इसके नियमित सेवन से चिंता. उदासी और अकारण होने वाला डर कम होने लगता है.

कौंच के बीजों में प्राकृतिक रूप से एल-डोपा ($L-Dopa$) पाया जाता है. जो मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है. डोपामाइन हमारे मूड. ऊर्जा के स्तर और मानसिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसी वैज्ञानिक कारण से आयुर्वेद और आधुनिक प्राकृतिक चिकित्सा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है.
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हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अंजू चौधरी के अनुसार कौंच के बीज पार्किंसंस रोग के प्रबंधन में एक प्रभावी प्राकृतिक औषधि के रूप में कार्य करते हैं. इन बीजों में मौजूद प्राकृतिक एल-डोपा मस्तिष्क में डोपामाइन के स्तर को बढ़ाता है. जिससे पार्किंसंस रोग के प्रमुख लक्षणों जैसे शरीर की कंपकंपी. जकड़न और मांसपेशियों की कमजोरी में महत्वपूर्ण राहत मिल सकती है. इसके साथ ही यह जड़ी-बूटी मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वरदान साबित होती है.

कौंच के बीजों का सेवन हमारे तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह केंद्रीय (Central) और परिधीय (Peripheral) तंत्रिका तंत्र दोनों को मजबूती प्रदान करता है. इसमें मौजूद न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण नसों को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं. जिससे नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के प्रबंधन में बड़ी सहायता मिलती है. इसके अतिरिक्त यह मेटाबॉलिज्म को सुधारने में भी प्रभावी है.

कौंच के बीजों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) गुण पाए जाते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं. जिससे सूजन कम होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी में वृद्धि होती है. आयुर्वेद में कौंच को एक प्रभावी कृमिनाशक भी माना गया है. जो पेट के कीड़ों को खत्म करने और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को सुधारने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है.