अभियान में घर-घर जाकर लार्वा खोजने, जलभराव के स्रोत चिन्हित करने और दवाओं का छिड़काव करने का कार्य किया जा रहा है. जिससे लोगों को इस बीमारी से बचाया जा सके. मगर एक बात का आपको भी विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ेगा जो सावधानियां चिकित्सा विभाग ने बताई है उसका पालन करना भी जरूर है.
वर्षा ऋतु में मच्छर जनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुमेरपुर उपखंड क्षेत्र में एंटी लार्वा सर्वे अभियान प्रारंभ किया गया है.डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए यह अभियान फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों की टीम द्वारा गहनता से संचालित किया जा रहा है.
ऐसे फैलता है मच्छरों से डेंगू और मलेरिया
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चुंडावत की माने तो मलेरिया संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो प्लास्मोडियम परजीवी को मानव शरीर में इंजेक्ट करता है.यह परजीवी पहले यकृत में, फिर लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करता है. यह संक्रमण चक्र मच्छर और मनुष्य के बीच चलता रहता है. इसी को तोड़ने के लिए क्षेत्र में सक्रिय एंटी लार्वा गतिविधियों की शुरुआत की गई है.
जगह जगह जल भराव से बना खतरा
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. महिपाल सिंह परमार ने जानकारी देते बुरा बताया कि इस वर्ष हुई अतिवृष्टि के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी है, जिससे मच्छरों के पनपने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं.इसे देखते हुए विभाग द्वारा टेमिफास, पैराथ्रम, और लार्वा रोधी बॉल्स का उपयोग करते हुए मच्छर लार्वा को समाप्त करने का कार्य किया जा रहा है.
पाली के सुमेरपुर शहरी क्षेत्र में 12 टीमों के माध्यम से मरुधरा एप के जरिए सर्वे और रिपोर्टिंग की जा रही है. अभियान में घर-घर जाकर लार्वा खोजने, जलभराव के स्रोत चिन्हित करने और दवाओं का छिड़काव करने का कार्य किया जा रहा है. प्रभारी डॉ. ताराचंद ने बताया कि डेंगू, मलेरिया, जीका, चिकनगुनिया, पीला बुखार व वेस्ट नाइल वायरस जैसी जानलेवा बीमारियां मच्छरों के माध्यम से फैलती है.
इनसे बचाव के लिए छतों पर जमा पानी, कूलर, पंछियों के परिंडे, पशुओं की खेळी, गमले आदि में रुके पानी को तुरंत हटाना आवश्यक है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सभी लोग पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली दवाओं का प्रयोग करें, और अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें, ताकि पूरा समाज स्वस्थ रह सके.