Health Tips: ठंड में बढ़ जाता है बुजुर्गों के सेहत पर खतरा, अगर रोज करते हैं स्नान तो जान लीजिए यह जरूरी बात

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सर्दियों में बुजुर्गों की कमजोर इम्युनिटी को देखते हुए आयुष चिकित्सक डॉ. रास बिहारी तिवारी ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. बुजुर्गों को गुनगुने पानी से स्नान, सिर-पैर ढककर रखने और हल्दी वाले दूध व अदरक-तुलसी की चाय का सेवन करना चाहिए. साथ ही जोड़ों के दर्द से राहत के लिए तेल मालिश और अजवाइन की पोटली का सेंक प्रभावी है.

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जमुई: सर्दी के मौसम में बुजुर्गों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस उम्र में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और ठंड का असर सीधे हृदय, जोड़ों, फेफड़ों और त्वचा पर पड़ता है. ऐसे में घरेलू तरीकों से अगर सही देखभाल की जाए तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. आयुष चिकित्सक डॉ रास बिहारी तिवारी बताते हैं कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों को ठंड से बचाना जरूरी है. सुबह और रात के समय उन्हें गर्म कपड़े जरूर पहनने चाहिए, खासकर सिर, कान और पैरों को ढककर रखना चाहिए. घर में ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचें और नहाने के लिए गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें. सर्दी में आलस्य बढ़ता है, लेकिन हल्की धूप में बैठना और थोड़ी बहुत चहल-कदमी करना शरीर के लिए फायदेमंद होता है.

खानपान को लेकर बरतनी चाहिए सावधानी
डॉ रास बिहारी तिवारी बताते हैं कि खानपान बुजुर्गों की सेहत का सबसे अहम आधार होता है. सर्दी के मौसम में उन्हें गर्म और सुपाच्य भोजन देना चाहिए. दलिया, खिचड़ी, सूप, उबली सब्जियां और रोटी के साथ घी का सीमित उपयोग शरीर को ऊर्जा देता है. घरेलू उपाय के तौर पर रोज सुबह गुनगुने पानी में आधा चम्मच शहद और कुछ बूंदें नींबू की मिलाकर देने से पाचन ठीक रहता है और इम्युनिटी बढ़ती है. अदरक, तुलसी, काली मिर्च और दालचीनी से बनी हल्की चाय सर्दी-खांसी से बचाव करती है. रात को सोने से पहले हल्दी मिला गुनगुना दूध देने से जोड़ों के दर्द और अनिद्रा में राहत मिलती है. ठंड के मौसम में पानी कम पीने की आदत नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए बुजुर्गों को पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी जरूर पिलाते रहें.

त्वचा की भी करनी चाहिए देखभाल
आयुष चिकित्सक डॉ रास बिहारी तिवारी बताते हैं कि बुजुर्गों की त्वचा और जोड़ों की देखभाल भी सर्दी में बेहद जरूरी है. सरसों या तिल के तेल से हल्की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में गर्माहट बनी रहती है. जोड़ों के दर्द से परेशान बुजुर्गों के लिए अजवाइन की पोटली से सेक करना एक प्रभावी घरेलू उपाय है. त्वचा को रूखेपन से बचाने के लिए नहाने के बाद नारियल या सरसों के तेल का उपयोग किया जा सकता है. इसके साथ ही नियमित दिनचर्या, समय पर दवा, पर्याप्त नींद और मानसिक शांति भी जरूरी है. परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे बुजुर्गों से बातचीत करें, उनका मनोबल बढ़ाएं और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. सही देखभाल और घरेलू उपाय अपनाकर बुजुर्ग सर्दी के मौसम में भी स्वस्थ और सुरक्षित रह सकते हैं.

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Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.

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Health Tips: ठंड में रोज करते हैं स्नान तो जान लीजिए यह जरूरी बात

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