Natural Ways to Improve Hemoglobin: शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया बेहद कॉमन समस्या है. महिलाएं एनीमिया का सबसे ज्यादा शिकार होती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है, तो ऑक्सीजन सही तरीके से सभी ऑर्गन्स तक नहीं पहुंच पाती है. इसके कारण सुस्ती, थकान, चक्कर आना, कमजोरी, सांस फूलना और काम करने में मन न लगना जैसी परेशानियां होने लगती हैं. अच्छी बात यह है कि संतुलित और आयरन से भरपूर डाइट को अपनाकर एनीमिया से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. नियमित जांच और पौष्टिक भोजन के जरिए इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है. एनीमिया बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर डाल सकता है.
डॉक्टर्स की मानें तो एनीमिया से बचाव के लिए आयरन, विटामिन C और प्रोटीन से भरपूर डाइट फायदेमंद मानी जाती है. आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है. विटामिन C आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर उसे आसानी से यूज कर सके. वहीं प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और विकास के लिए जरूरी होता है. इन तीनों पोषक तत्वों का सही संतुलन एनीमिया से बचाव में अहम भूमिका निभाता है.
आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ और चौलाई शामिल हैं. इसके अलावा चना, राजमा, सोयाबीन, काले चने, ज्वार, बाजरा, गुड़, चुकंदर, अनार, सेब और खजूर का नियमित सेवन फायदेमंद होता है. ये खाद्य पदार्थ न सिर्फ खून बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि शरीर को एनर्जी भी देते हैं. खासतौर पर गुड़ और खजूर प्राकृतिक आयरन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं. इन चीजों का सेवन नियमित रूप से करना लाभकारी होता है.
विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियां जैसे आंवला, नींबू, संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी, टमाटर और शिमला मिर्च आयरन के बेहतर अवशोषण में सहायक होते हैं. वहीं प्रोटीन के लिए मूंग, मसूर, अरहर, उड़द की दाल, दूध, दही, पनीर, सोया चंक्स, चना और विभिन्न बीज जैसे बादाम, तिल, चिया सीड्स और कद्दू के बीज का सेवन करना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार,आयरन युक्त भोजन के साथ नींबू या कोई विटामिन C वाला फल जरूर लेना चाहिए.
एक्सपर्ट्स की मानें तो एनीमिया से बचने के लिए खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचें, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण में बाधा डालती हैं. हर 3 से 6 महीने में हीमोग्लोबिन की जांच करवाना फायदेमंद रहता है. गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट लेना चाहिए. सही आहार, नियमित जांच और जागरुकता के जरिए एनीमिया को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)