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Winter Health Tips: सर्दियों में कमर और जोड़ों का दर्द आम समस्या है, लेकिन दादी के गोंद वाले देसी नुस्खे ने इसे आसान बना दिया. नियमित उपयोग से शरीर मजबूत हुआ और दर्द में लगातार राहत मिली. यह प्राकृतिक उपाय किसी भी दवा के बिना असर करता है, जिससे सर्दियों में जीवनशैली और गतिशीलता बनी रहती है.
सर्दियां शुरू होती हैं, तो मेरे शरीर में सबसे पहला असर कमर के तेज दर्द के रूप में दिखता था.ठंडी हवा लगते ही कमर जकड़ जाती और दिनभर काम करना मुश्किल हो जाता था. हर बार यही लगता था कि अब शायद यह दर्द कभी ठीक नहीं होगा.तभी मुझे याद आया दादी का बताया हुआ एक पुराना नुस्खा—गोंद.बचपन में दादी अक्सर कहा करती थीं कि सर्दियों में थोड़ा-सा गोंद रोज खा लो, शरीर लोहे जैसा मजबूत रहेगा.

शुरुआत में मुझे लगा यह भी शायद उन पुराने जमाने की बातों में से एक होगी, लेकिन दर्द इतना बढ़ गया कि मैंने दादी की बात मान ही ली.दादी बताती थीं कि गोंद पेड़ों से निकलने वाला प्राकृतिक रेज़िन होता है और शरीर को अंदर से गर्म रखने का काम करता है.खासकर महिलाओं के लिए यह किसी जादुई दवा से कम नहीं.थकान, कमजोरी, जोड़ों के दर्द—सब पर इसका असर दिखता है.

पहले ही हफ्ते में मुझे फर्क महसूस होने लगा. सुबह की ठंड में जहां पहले कमर सीधी करना मुश्किल हो जाता था, वहीं अब शरीर हल्का और गर्म महसूस होने लगा.दादी कहती थीं कि गोंद खून में गर्माहट बढ़ाता है और हड्डियों को मजबूती देता है.शायद यही वजह थी कि पुराने जमाने में प्रसव के बाद नई माताओं को गोंद के लड्डू जरूर खिलाए जाते थे.
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मैंने भी दादी की तरह घी, गुड़ और सूखे मेवे के साथ गोंद के लड्डू बनाए और रोज सुबह एक लड्डू खाना शुरू किया.इसका स्वाद भी अच्छा लगा और शरीर में एनर्जी भी बनी रहने लगी. ठंड में सुस्ती और थकान कम हो गई. यहां तक कि ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के बाद होने वाला कमर दर्द भी धीरे-धीरे कम होने लगा.

डॉक्टरों के अनुसार भी गोंद में कैल्शियम, प्रोटीन और फाइबर भरपूर होता है, जो शरीर को मजबूत बनाते हैं. पाचन शक्ति सुधरती है और खून का संचार भी बेहतर होता है.पहले जहां मैं छोटी-सी ठंड में भी कांप जाती थी, अब तापमान गिरने के बावजूद शरीर गर्म और एक्टिव महसूस होता है.

सर्दियों में गोंद खाने के कई तरीके हैं—लड्डू, पंजीरी, दूध में मिलाकर या फिर रात में भिगोकर सुबह सेवन करना. लेकिन मुझे दादी वाला देसी तरीका ही सबसे ज्यादा असरकारक लगा.घर के घी में भुना हुआ गोंद और सूखे मेवों की खुशबू जैसे ठंड में गर्माहट का एक प्यारा-सा एहसास दे देती है.

आज भी जब कमर में हल्का-सा दर्द उठता है, तो मुझे दादी की वह मुस्कान याद आती है, जब वह कहती थीं—“बिटिया, गोंद खा लिया कर, सर्दी क्या बिगाड़ लेगी” सच में, दादी का यह नुस्खा मेरे लिए सर्दियों का सबसे बड़ा सहारा बन गया है. अगर आप भी ठंड में कमर दर्द या कमजोरी से परेशान हैं, तो इस प्राकृतिक नुस्खे को जरूर आजमाएं—शायद आपको भी वही कमाल देखने को मिल जाए.