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Health Tips: आयुर्वेद में पीपल को सर्दी-खांसी, पाचन समस्याओं और कमजोर इम्यूनिटी के लिए चमत्कारी जड़ी-बूटी माना जाता है. यह शरीर को अंदर से गर्म रखकर बलगम निकालने, फेफड़ों को मजबूत करने और मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर वजन नियंत्रित करने में मदद करती है. पीपल का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके काढ़े के लिए पीपल की जड़ या पत्तों को पानी में उबालकर छान लें और गुनगुना पिएं, यह सर्दी-खांसी में लाभ देता है. रोजाना पीपल का सही सेवन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है.
आयुर्वेद में पीपल को एक अत्यंत प्रभावशाली औषधीय जड़ी-बूटी माना गया है, जिसका उपयोग प्राचीन काल से अनेक रोगों के उपचार में किया जाता रहा है. इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए यह शरीर में जमी ठंडक, बलगम और जड़ता को दूर करने में सहायक मानी जाती है. खासकर सर्दी-खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याओं में पीपल का विशेष महत्व बताया गया है. यह न केवल रोगों से राहत देती है, बल्कि शरीर की आंतरिक शक्ति को भी बढ़ाने का कार्य करती है.

आधुनिक जीवनशैली और बदलते खान-पान के कारण पाचन संबंधी समस्याएं, कमजोर इम्युनिटी और बार-बार होने वाली सांस की तकलीफ आम हो गई हैं. ऐसे में पीपल जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी प्राकृतिक रूप से शरीर को संतुलन में लाने का काम करती है. यह शरीर की अग्नि को प्रबल करती है, जिससे भोजन का पाचन सही ढंग से हो पाता है और शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है.

हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अंजू चौधरी ने बताया कि पीपल का सेवन सर्दी, खांसी और जुकाम में लाभकारी होता है. पीपल में बलगम निकालने गुण होते हैं, जो छाती में जमे कफ को बाहर निकालने में मदद करते हैं. यह गले की खराश, बंद नाक और लगातार खांसी में राहत देती है. सर्दी के मौसम में इसका सेवन शरीर को अंदर से गर्म रखता है और जल्दी आराम दिलाता है.
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अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस फूलने जैसी समस्याओं में पीपल बहुत लाभकारी मानी जाती है. यह श्वसन नलिकाओं की सूजन कम करती है और फेफड़ों को मजबूत बनाती है, जिससे सांस लेना आसान होता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. पीपल पाचन अग्नि को प्रबल करती है, जिससे भोजन का सही पाचन होता है. यह अपच, गैस, पेट फूलना, कब्ज और भूख न लगने जैसी समस्याओं में राहत देती है. कमजोर पाचन वाले लोगों के लिए पीपल बेहद फायदेमंद मानी जाती है.

इसका सेवन मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर वजन घटाने में सहायक होता है. पीपल शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है. यह शरीर में जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करती है और वजन नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है. इसके अलावा पीपल में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द और शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद करते हैं. बुखार के दौरान होने वाले दर्द में भी यह आराम देती है.

पीपल का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके काढ़े के लिए पीपल की जड़ या पत्तों को पानी में उबालकर छान लें और गुनगुना पिएं, यह सर्दी-खांसी में लाभ देता है. खांसी के लिए पीपल के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर लेना लाभकारी माना जाता है. पाचन सुधारने के लिए सुबह खाली पेट 2 से 3 पीपल चबाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं.