हेल्थ टिप्स: सर्दियों में इन ठंडी सब्जियों से परहेज करें, वरना बढ़ सकती है खांसी, जुकाम और पेट की समस्याएं

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Winter Vegetable Tips: सर्दियों में हर सब्जी शरीर के अनुकूल नहीं होती है. लौकी, तोरी, खीरा, कद्दू और बैंगन जैसी ठंडी तासीर वाली सब्जियों का अधिक सेवन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है. ये सर्दी-जुकाम, खांसी, कफ और पाचन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं. कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

<br />ठंड के मौसम में बाजारों में एक से बढ़कर एक व्यंजन दिखाई देते हैं. लेकिन सर्दियों में खाने-पीने को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. ठंड के दिनों में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई बार कमजोर हो जाती है, ऐसे में गलत खाद्य पदार्थ बीमारियों को न्योता दे सकते हैं। सर्दी के मौसम में हर सब्जी शरीर के अनुकूल नहीं होती. कुछ ऐसी सब्जियां भी होती हैं, जिनकी तासीर ठंडी होती है. इनका सेवन सर्दियों में करने से सर्दी-जुकाम, खांसी, कफ और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए ऐसी सब्जियों से दूरी बनाकर रखना चाहिए.

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ठंड के मौसम में लौकी का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है. लौकी को ठंडी तासीर की सब्जी माना जाता है, जिससे यह शरीर में ठंडक बढ़ा सकती है. सर्दियों में अधिक मात्रा में लौकी खाने से नजला, जुकाम, खांसी और गले में खराश की समस्या बढ़ने की आशंका रहती है. खासकर जिन लोगों को जल्दी सर्दी लग जाती है, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए लौकी नुकसानदायक साबित हो सकती है. सर्दियों में शरीर को गर्मी और ऊर्जा देने वाले भोजन की आवश्यकता होती है, जबकि लौकी शरीर की अंदरूनी गर्मी को कम कर देती है, जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है.

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तोरी या तुरई को भी ठंडी तासीर वाली सब्जी माना जाता है, जिसका अधिक सेवन ठंड के मौसम में स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है. सर्दियों में तोरी खाने से कफ बढ़ सकता है और गले से जुड़ी परेशानियां जैसे खराश और खांसी हो सकती हैं. कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में यह सब्जी सर्दी-जुकाम को लंबे समय तक बनाए रख सकती है. बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी के दिनों में तोरी से परहेज करने की सलाह दी जाती है.

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खीरा और अन्य कच्ची सब्जियां भी सर्दी के मौसम में नुकसानदायक साबित हो सकती हैं. खीरा आमतौर पर सलाद के रूप में खाया जाता है, लेकिन सर्दियों में इसका सेवन कफ बढ़ाने वाला माना जाता है. इससे सर्दी-जुकाम और छाती में जमाव की समस्या हो सकती है. इसके अलावा कच्ची पत्तागोभी, कच्चा प्याज और अधपकी सब्जियां भी पाचन तंत्र को कमजोर कर सकती हैं. ठंड में पाचन शक्ति वैसे ही धीमी रहती है, ऐसे में कच्ची सब्जियां पेट दर्द, गैस और अपच का कारण बन सकती हैं.

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कद्दू भी ठंडी तासीर वाली सब्जियों में शामिल है, जिसका अधिक सेवन सर्दियों में नुकसान पहुंचा सकता है. कुछ लोगों में कद्दू खाने से शरीर में सुस्ती, ठंड अधिक लगना और सर्दी की शिकायत बढ़ सकती है. वहीं, बैंगन को लेकर भी विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. बैंगन कुछ लोगों में एलर्जी, गले की परेशानी और खांसी को बढ़ा सकता है. जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है या जो पहले से सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं, उन्हें बैंगन सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.

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सर्दियों के सीजन में शरीर को अंदर से गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ठंडी तासीर वाली सब्जियां शरीर के तापमान को कम कर देती हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. खासकर सुबह और रात के समय ऐसी सब्जियां खाने से परहेज करना चाहिए. यदि इनका सेवन करना भी हो, तो इन्हें अच्छी तरह पकाकर और गर्म मसालों के साथ खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।. अदरक, लहसुन और काली मिर्च जैसी चीजें भोजन में शामिल करने से ठंडी सब्जियों का असर कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

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सर्दियों में इन ठंडी सब्जियों से परहेज करें, वरना बढ़ सकती है कई बीमारियां

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