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डॉ. सुनील सिंह ने बताया कि सावधानी बरतने से ही ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक जैसी गंभीर दिक्कतों से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि सुबह उठते ही ठंडा पानी न पिएं और दिनचर्या में धूप निकलने के बाद ही शामिल हों. साथ ही, खाने-पीने में मौसमी फल और सब्जियों को शामिल करना जरूरी है और घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त भोजन और पानी लेना भी आवश्यक है.
मिर्जापुर. ठंड का मौसम शुरू होने के बाद बीमारियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. सर्दी-जुकाम और डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अस्पतालों में काफी बढ़ गई है. डॉक्टरों ने ठंड के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बताए हैं. उनका कहना है कि इलाज से ज्यादा बचाव ही स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकता है. सर्दियों में सबसे ज्यादा समस्या सर्दी-जुकाम और डायरिया की होती है, जबकि बुजुर्गों में हार्ट अटैक और ब्रेन हैमरेज की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं. इसलिए बचाव करके ही बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है.
मंडलीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने लोकल 18 को बताया कि ठंड का मौसम शुरू हो गया है और इसी वजह से कई लोगों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हैं. उन्होंने बताया कि ठंड से बचने के लिए सबसे जरूरी है गर्म कपड़े पहनना, खासकर सुबह निकलते समय ताकि रात में घर लौटते समय ठंड का असर न पड़े. अक्सर इसी वजह से सर्दी-जुकाम, डायरिया और सांस फूलने जैसी समस्याएं होती हैं.
ये लोग रहे सावधान
डॉ. सिंह ने बताया कि यदि सावधानी बरती जाए तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है. ऐसी दिक्कत होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मंडलीय अस्पताल में दिखाना चाहिए. उन्होंने खासतौर पर 40 साल से ऊपर के लोग ब्लड प्रेशर, हार्ट और सांस के मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी. इसके साथ ही, बीपी और शुगर की दवा नियमित रूप से लेने पर जोर दिया.
ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक से बचाव
डॉ. सुनील सिंह ने बताया कि सावधानी बरतने से ही ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक जैसी गंभीर दिक्कतों से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि सुबह उठते ही ठंडे पानी का सेवन न करें और दिनचर्या में धूप निकलने के बाद ही शामिल हों. यदि कोई दवा चल रही है तो उसे नियमित रूप से लें. खाने-पीने में मौसमी फल और सब्जियों को शामिल करना जरूरी है.
इन बातों का रखे खास ध्यान
घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त भोजन और पानी लेने की सलाह दी गई, अन्यथा शरीर डीहाइड्रेट हो सकता है और ठंड लग सकती है. किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत होने पर तत्काल इलाज कराना चाहिए. अगर समस्या हल्की हो तो पीएचसी या सीएचसी में दिखाया जा सकता है, जबकि गंभीर स्थिति में मंडलीय अस्पताल में इलाज जरूरी है.