बता दें कि, पहाड़ी इलाको में जहां झमाझम बारिश का दौर जारी है, नदी नाले उफान पर है, झरने बहने लगे है. तो वहीं, जिला मुख्यालय पर लोग जोरदार बारिश को तरस रहे है. यहां कभी हल्की बारिश और उसके बाद तेज धूप निकलने से वायरल बुखार सहित मौसमी बीमारियों ने लोगों का बुरा हाल कर दिया. सर्दी, खांसी, बुखार, शरीर में जकड़न, पीलिया, टाइफाइड जैसी समस्याएं लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे है.
जानकारी के मुताबिक, आम दिनों में 500 से 600 तक रहने वाली ओपीडी इन दिनों 1000 से 1200 तक पहुंच गई है, जो सामान्य से दुगनी है. बच्चे, युवा, बुजुर्ग हर वर्ग अस्पताल के चक्कर काट रहा है. ओपीडी से लेकर दवाई वितरण केंद्र और जांच केंद्र तक मरीजों की लंबी कतारें हर दिन देखी जा रही है. वहीं, कई लोगों को अस्पताल भर्ती करना पड़ रहा है.
बीमारी के अनुसार दे रहे इलाज
जिला अस्पताल में पदस्थ MD मेडिसन डॉ. मयंक पाटीदार ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव के चलते है मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. ज्यादातर मरीज वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, दस्त जैसी की शिकायत लेकर इलाज के लिए आ रहे है, जिनका बीमारी के अनुसार इलाज किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर जांच और भर्ती भी कर रहे है. उपचार के दौरान मरीजों को अस्पताल से ही निशुल्क दवाई गोलियां दी जा रही है.
डॉ. पाटीदार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है, ताकि मौसमी बीमारियों से बचा जा सके—
भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और खुद को सूखा रखें.
घर में और बाहर साफ-सफाई का ध्यान रखें, मच्छरों से बचाव के लिए जाली और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें.
सर्दी, खांसी सहित बुखार से ग्रसित मरीजों से दूरी बनाए और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचाएं.
तेज बुखार, लगातार खांसी या पीलिया जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें.
.