Headache In Morning : सुबह उठने पर होने वाले सिरदर्द को न करें इग्नोंर, इसका आपके दिमाग पर हो सकता है गंभीर प्रभाव!

Last Updated:

Headache In Morning : बहुत से लोगों को सुबह उठते ही सिरदर्द होता है, जिससे उनका दिन खराब हो सकता है. सुबह का सिरदर्द हमेशा थकान की वजह से नहीं होता. इसके कई अंदरूनी कारण हो सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

Headache In Morning : कई लोगों को सुबह उठते ही सिरदर्द होता है. यह दर्द हल्का या तेज़ हो सकता है, जिससे दिन की शुरुआत खराब हो सकती है. सुबह का सिरदर्द हमेशा थकान की वजह से नहीं होता इसके कई अंदरूनी कारण हो सकते हैं. अगर इसका इलाज न किया जाए, तो इससे काफी परेशानी हो सकती है. नींद की कमी या अधूरी नींद सुबह के सिरदर्द का एक बड़ा कारण है. रात में पर्याप्त नींद न मिलना, बार-बार नींद टूटना, या देर रात तक मोबाइल फोन और लैपटॉप इस्तेमाल करने से दिमाग पर स्ट्रेस बढ़ता है. नतीजतन, सुबह उठने पर अक्सर सिरदर्द हो जाता है.

ताणतणाव आणि मानसिक दडपण यामुळेही सकाळी डोकेदुखी होऊ शकते. जास्त तणाव असल्यास मान आणि खांद्याचे स्नायू ताणले जातात. यामुळे रक्तप्रवाहात अडथळा येतो आणि टेन्शनमुळे डोकेदुखी निर्माण होते.

तनाव और मानसिक दबाव भी सुबह सिरदर्द का कारण बन सकते हैं। जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है, तो उसकी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं. इससे खून का बहाव कम हो जाता है और टेंशन वाला सिरदर्द हो सकता है.

मायग्रेनची समस्या असलेल्या लोकांमध्ये सकाळची डोकेदुखी सामान्य आहे. झोपेचा अभाव, रिकाम्या पोटी झोपणे, तेजस्वी प्रकाश किंवा हवामानातील बदल मायग्रेन ट्रिगर करू शकतात, ज्यामुळे सकाळी उठताच तीव्र वेदना जाणवतात.

माइग्रेन से ग्रसित लोगों में सुबह सिरदर्द होना आम है. इसके पीछे नींद की कमी, खाली पेट सोना या मौसम में बदलाव माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे सुबह उठने पर तेज़ दर्द होता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

स्लीप एपनिया हा देखील महत्त्वाचा कारणीभूत घटक आहे. या समस्येत झोपेत श्वासोच्छवास वारंवार थांबतो. त्यामुळे शरीराला पुरेसा ऑक्सिजन मिळत नाही आणि सकाळी उठताच डोकेदुखी, चक्कर येणे आणि जडपणा जाणवतो. जोरात घोरणे हे याचे लक्षण असू शकते.

स्लीप एपनिया भी एक बड़ा कारण है. इस स्थिति में, सोते समय सांस बार-बार रुक जाती है. इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और जागने पर सिरदर्द, चक्कर आना और भारीपन महसूस हो सकता है. ज़ोर से खर्राटे लेना भी इसका एक लक्षण हो सकता है.

डिहायड्रेशन म्हणजेच शरीरात पाण्याची कमतरता असल्यास सकाळी डोकेदुखी होऊ शकते. रात्री पुरेसे पाणी न प्यायल्याने रक्तवाहिन्या आकुंचन पावतात. त्यामुळे मेंदूपर्यंत ऑक्सिजन कमी पोहोचतो आणि डोके दुखायला लागते.

डिहाइड्रेशन की वजह से सुबह सिरदर्द हो सकता है. रात में पर्याप्त पानी न पीने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ सकती हैं. इससे दिमाग तक पहुंचने वाले ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और सिरदर्द हो सकता है.

दारू किंवा कॅफिनचे सेवन देखील सकाळच्या डोकेदुखीला कारणीभूत ठरते. रात्री दारू प्यायल्याने झोपेची गुणवत्ता खराब होते. तसेच जास्त कॅफिन घेतल्यानंतर अचानक ते बंद केल्यासही डोकेदुखी उद्भवू शकते.

शराब या कैफीन पीने से भी सुबह सिरदर्द हो सकता है. रात में शराब पीने से नींद की क्वालिटी खराब हो सकती है. इसके अलावा, ज़्यादा कैफीन का सेवन अचानक बंद करने से भी सिरदर्द हो सकता है.

रोज सकाळी डोकेदुखी होत असेल, ती खूप तीव्र असेल किंवा त्यासोबत चक्कर, श्वास घेण्यास त्रास किंवा डोळ्यांसमोर धूसर दिसत असेल तर त्वरित डॉक्टरांचा सल्ला घ्यावा.

अगर आपको हर सुबह सिरदर्द होता है, या अगर सिरदर्द बहुत ज़्यादा होता है या इसके साथ चक्कर आना, सांस लेने में दिक्कत या धुंधला दिखना जैसी समस्याएं होती हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

Disclaimer : या बातमीत दिलेली माहिती आणि आरोग्याशी संबंधित सल्ला तज्ञांशी झालेल्या संभाषणांवर आधारित आहे. ही सामान्य माहिती आहे, वैयक्तिक सल्ला नाही. म्हणून, डॉक्टरांचा सल्ला घेतल्यानंतरच काहीही वापरा. त्याच्या वापरामुळे होणाऱ्या कोणत्याही नुकसानासाठी न्यूज-18 जबाबदार राहणार नाही.

( इस लेख में दी गई जानकारी स्वास्थ्य सलाह और विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित है. यह केवल सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए, कोई भी कदम उठाने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से सलाह लें. न्यूज 18 हिंदी इसकी पुष्टी नहीं करता है. )

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

सुबह उठने पर होने वाले सिरदर्द को न करें इग्नोंर, दिमाग पर पड़ सकता है प्रभाव!

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *