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Success Story: अगर आप कोई बड़ा सपना देख रहे हैं लेकिन ये सोचते हैं कि मिडिल क्लास बैकग्राउंड से निकलकर कैसे इस सपने को पूरा करें तो आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिसने Dominos और Pizza Hut को हिला कर रख दिया है. ये शख्स एचसीएल में नौकरी करता था लेकिन आज वो नौकरी छोड़कर उन्होंने 1000 करोड़ की जानी-मानी पिज्जा कंपनी खड़ी कर दी है.
एक समय था जब भारत में पिज्जा का नाम सुनते ही डोमिनोज या पिज्जा हट का ख्याल आता था. लेकिन आज कई देसी ब्रांड्स इनको कड़ी टक्कर दे रहा है.

अपने अनोखे स्वाद और नए आइडिया के लिए मशहूर हुए इस ब्रांड की कहानी चंडीगढ़ के एक साधारण मिडिल क्लास लड़के सनम कपूर ने की है.

HCL की टेक नौकरी छोड़कर 2011 में सनम कपूर ने पहला La Pinoz Pizza का आउटलेट खोला और आज 600 से ज्यादा स्टोर्स के साथ 1000 करोड़ का कारोबार खड़ा कर लिया है.

सनम कपूर आईटी कंपनी में अच्छी जॉब कर रहे थे. मिडिल क्लास फैमिली से आने वाले सनम को हमेशा कुछ अलग करने का मन था. उन्हें अच्छा इंडियन टेस्ट वाला पिज्जा खोजने की चाहत थी. बाजार में मौजूद ब्रांड्स से कुछ अलग सोचते हुए उन्होंने ला पिनोज शुरू किया.

नौकरी छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने सपने पर भरोसा किया. शुरुआत में मुश्किलें आईं, क्योंकि पिज्जा का कॉन्सेप्ट नया नहीं था और बड़े ब्रांड्स का दबदबा था. लेकिन सनम ने हार नहीं मानी. उन्होंने मार्केटिंग पर खास ध्यान दिया.

सनम का आइडिया था कि पूरा पिज्जा खरीदने की बजाय लोग अलग-अलग स्लाइस ट्राई करें. इससे नए फ्लेवर चखने वाले, बजट वाले कस्टमर्स और वेस्ट न करने वाले सब आकर्षित हुए. भारत के हर राज्य का अपना स्वाद है, तो सनम ने लोकल मसालों से पिज्जा को पर्सनलाइज किया. युवाओं को टारगेट करते हुए फ्रेश पिज्जा पर फोकस किया.

ला पिनोज हर तीन घंटे में नया आटा गूंथता है, जबकि कुछ बड़े ब्रांड्स 24 घंटे में. इससे पिज्जा हमेशा ताजा रहता है. साथ ही, सिर्फ वेजिटेरियन ऑप्शन रखे, जो भारत के बड़े वेज पॉपुलेशन को पसंद आया. फ्रैंचाइजी को वेज या नॉन-वेज चुनने की आजादी दी.

उन्होंने कीमतें भी कम रखीं. ला पिनोज का एवरेज पिज्जा 200 रुपये में मिलता है, जबकि बड़े ब्रांड्स 300 रुपये लेते हैं. इससे किफायती और टेस्टी पिज्जा का कॉम्बिनेशन बना. सनम ने लोकल स्वादों से कस्टमर्स को जोड़ा. जैसे, अलग-अलग राज्यों में लोकल स्पाइसेस यूज करके. यह स्ट्रेटजी काम आई. 2017 में 100 स्टोर्स हो गए, 2022 तक 500 पार. आज 600 से ज्यादा आउटलेट्स हैं. अब ग्लोबल एक्सपैंशन की प्लानिंग है.

सनम की कहानी बताती है कि सही आइडिया, मेहनत और कस्टमर फोकस से कुछ भी हासिल किया जा सकता है. मिडिल क्लास बैकग्राउंड से निकलकर उन्होंने प्रूव किया कि सपने बड़े होते हैं, न कि बैकग्राउंड. आज ला पिनोज न सिर्फ भारत में चमक रहा है, बल्कि दुनिया में फैलने को तैयार है.
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