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Success Story: आपने अक्सर सुना होगा कि छोटी-छोटी कोशिशों से लोग अपने बड़े सपनों को सच कर लेते हैं. हरियाणा के नानू गुप्ता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो दिल को छूती है और प्रेरणा देती है.
आपने कई बार सुना या पढ़ा होगा कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए लोग छोटे-छोटे कदम रखकर कामयाबी को हासिल करते हैं. हरियाणा के नानू गुप्ता की कहानी ऐसी है जो हर किसी को प्रेरित करती है. हरियाणा में 1942 में एक किसान परिवार में जन्मे नानू 1954 में मुंबई आए और अपनी मेहनत से विजय सेल्स(Vijay Sales) जैसी बड़ी कंपनी खड़ी की.

आज विजय सेल्स भारत की मशहूर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन है, जिसके 120 से ज्यादा स्टोर हैं और सालाना बिक्री 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. नानू ने ये सब सिर्फ 2000 रुपये से शुरू किया था.नानू ने शुरुआत उषा इंटरनेशनल लिमिटेड के लिए पंखे और सिलाई मशीनें बेचकर की. वहां से उन्होंने ग्राहकों को समझने और उनके साथ डील करने का हुनर सीखा.

फिर 1967 में, अपने भाई के नाम पर, उन्होंने मुंबई के माटुंगा में 50-60 वर्ग फुट की छोटी सी दुकान खोली, जिसका नाम रखा विजय सेल्स. शुरुआत में वो सिलाई मशीनें और पंखे बेचते थे. 1974 में उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट टीवी बेचना शुरू किया. जब रंगीन टीवी आए, तो नानू ने बड़ा दांव खेला और माहिम में बड़ी जगह खरीदी, ताकि टीवी को आकर्षक तरीके से दिखा सकें.

उनके बेटे नीलेश गुप्ता बताते हैं कि उस समय ये फैसला जोखिम भरा माना गया, लेकिन नानू का दूरदर्शी सोच काम आया. उनकी ये रणनीति थी कि दुकान में सारे टीवी चालू रखे जाएं, जिससे ग्राहक आकर्षित हों.

नानू की खास बात थी ग्राहकों का भरोसा जीतना. उस समय EMI का चलन नहीं था, लेकिन नानू ग्राहकों को किस्तों में भुगतान करने की सुविधा देते थे. अगर किसी को सामान में दिक्कत होती, तो वो खुद उनके घर जाकर समस्या सुलझाते.

उनकी ईमानदारी और सेवा ने लोगों का दिल जीत लिया. 2006-07 तक विजय सेल्स के मुंबई में 8-10 स्टोर हो गए थे. उसी समय उन्होंने गोरेगांव में चार मंजिला बड़ा स्टोर खरीदा, जिसमें हर मंजिल 1300 वर्ग फुट की थी. 2007-08 में कंपनी ने पुणे, अहमदाबाद, सूरत और दिल्ली में स्टोर खोले और 500 करोड़ रुपये की कमाई की.

2007 में विजय सेल्स ने मोबाइल फोन और कंप्यूटर जैसे डिजिटल प्रोडक्ट्स बेचना शुरू किया. आज कंपनी 11 से ज्यादा कैटेगरी में 3500 से अधिक प्रोडक्ट्स बेचती है. महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसके स्टोर हैं.

नानू अब कंपनी के चेयरमैन हैं, जबकि उनके बेटे नीलेश और आशीष गुप्ता डायरेक्टर हैं. उनका पोता करण गुप्ता भी बिजनेस में शामिल है. 2021 में कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया था कि विजय सेल्स 2025 तक अपनी बिक्री को 8000 से 10,000 करोड़ रुपये तक ले जाना चाहती है और 200 स्टोर खोलने का लक्ष्य है. इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जो इसकी लोकप्रियता दिखाता है. नानू की मेहनत और ग्राहकों के प्रति समर्पण ने विजय सेल्स को इस मुकाम तक पहुंचाया. उनकी कहानी सिखाती है कि छोटी शुरुआत और ईमानदारी से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है.
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