उज्जैन नगरी में आज हरिहर मिलन… शिव सौंपेंगे भगवान विष्णु को पृथ्वी का भार, क्यों खास है यह दिन?

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Ujjain News: MP की धार्मिक नगरी बाबा महाकाल के उज्जैन में सत्ता हस्तांतरण होने वाला है. बैकुंड चतुदशी रात 11 बजे भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाएगी, जो गोपाल मंदिर पहुंचेगी. यहां भगवान महाकाल सृष्टि का भार भगवान विष्णु को सौंपेंगे. यह परंपरा हरि-हर की माला बदलकर निभाई जाएगी.

Ujjain News: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में जल्द ही 3 नवंबर यानी आज की आधी रात को सुंदर नजारा देखने को मिलेगा. हजारों श्रद्धालु इस नजारे के साक्षी बनेंगे. उज्जैन में बैकुंठ चतुर्दशी पर सृष्टि की सत्ता हस्तांतरण का अद्भुत नजारा दिखेगा. इस रात्रि मे 11 बजे भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाएगी, जो गोपाल मंदिर पहुंचेगी. यहां भगवान महाकाल सृष्टि का भार भगवान विष्णु को सौंपेंगे. यह परंपरा हरि-हर की माला बदलकर निभाई जाएगी. इसे हरि-हर मिलन भी कहते हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु राजा बलि के यहां पाताल लोक में विश्राम करने जाते हैं. इसलिए चार महीने तक संपूर्ण सृष्टि के पालन का भार भगवान शिव के पास होता है.

हरि-हर मिलन
गोपाल मंदिर के पुजारी ने बताया कि बाबा महाकाल की सवारी कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी भगवान विष्णु (हरि) और शिवजी (हर) के मिलन का प्रतीक है. महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप से रात 11 बजे निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी, महाकाल चौराहा, गुदरी बाजार, पटनी बाजार होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचेगी. सवारी में ढोल-नगाड़ों के साथ आतिशबाजी की जाएगी. कई जगह स्वागत होगा. गोपाल मंदिर पहुंचने पर सवारी मंदिर के अंदर लाई जाएगी. यहां भगवान शिव, विष्णु जी के सामने आसीन होंगे.

फिर महादेव जाएंगे तपस्या में
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर पद्धति से द्वारिकाधीश का पूजन करेंगे. शिवजी के प्रिय बिल्वपत्र और आंकड़े की माला भगवान विष्णु को अर्पित करेंगे. इसके बाद भगवान महाकाल का पूजन कर उन्हें विष्णु जी की प्रिय तुलसीदल की माला अर्पित करेंगे. दोनों की प्रिय वस्तुओं का एक-दूसरे को भोग लगाया जाता है. इसके बाद भगवान शिव चार महीने के लिए हिमालय पर्वत पर तपस्या करने चले जाते हैं. यह परंपरा वैष्णव और शैव के समन्वय के साथ-साथ सौहार्द का प्रतीक है.

हरि-हर मिलन के साक्षी बनेंगे सैकड़ों श्रद्धालु
कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी भगवान विष्णु (हरि) और शिव (हर) के मिलन का प्रतीक है. भगवान महाकाल और द्वारकाधीश का अद्भुत मिलन देखने के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु गोपाल मंदिर के बाहर रात 10 बजे से ही मौजूद हो जाएंगे.

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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उज्जैन नगरी में आज हरिहर मिलन… शिव सौंपेंगे भगवान विष्णु को पृथ्वी का भार

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