इजराइल ने युद्ध विराम तोड़ते हुए हमास पर बमबारी की है और हमास द्वारा उसकी फोर्स पर हमले करने का आरोप लगाया है. ईरान ने एटमी खतरे का स्तर बढ़ा दिया है, जिससे डोनाल्ड ट्रम्प और नेतन्याहू चिंतित हैं. हमास ने हथियार सरेंडर करने से इनकार कर दिया है और ईरान के एटमी प्रोग्राम का समर्थन किया है. 2015 के परमाणु समझौते को ईरान ने बदनाम करार दिया है और अमेरिका के अलग होने के बाद यह डील बेमानी हो गई है. ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने यूएन से ईरान पर बैन लगवा दिया है, जिससे ईरान ने किसी भी समझौते को मानने से मना कर दिया है.
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