खरगोन में गुरुवार को अचानक मौसम बदल गया और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इस बदलाव से 39 डिग्री के तापमान वाली गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन खेतों में खड़ी 60 प्रतिशत गेहूं की फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। खरगोन में तेज गर्मी के बीच बुधवार रात गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई और गुरुवार सुबह भी हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे 39 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 60 प्रतिशत गेहूं की फसल पर बढ़ा खतरा जिले में इन दिनों गेहूं की कटाई का काम चल रहा है, लेकिन लगभग 60 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में खड़ी है या कटाई के बाद पड़ी हुई है। अचानक बदले मौसम और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान अपनी कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए उसे प्लास्टिक तिरपाल से ढंकने का प्रयास कर रहे हैं। किसान बोले- तैयार फसल खराब होने का डर वड़ा गांव के किसान वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया, “ओला-बारिश से तैयार फसल खराब होने का डर है।” इस साल खरगोन जिले में 1.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई थी, जिसमें से लगभग 70 हजार हेक्टेयर में कटाई पूरी हो चुकी है। 1 अप्रैल से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी खेतों में फसल की कटाई के साथ-साथ जिले में थ्रेसिंग और भंडारण का काम भी जारी है। किसानों की उपज के लिए जिले में 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी। .