लोटा-गिलास लेकर आए थे इंदौर… 10 फीट की दुकान से बना दिया 3 मंजिला मार्ट, पढें ईमानदारी-मेह

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Indore Ganesh Cap Mart Success Story: इंदौर के गणेश कैप मार्ट की यह कहानी संघर्ष से सफलता तक का बेहतरीन उदाहरण है, जहां एक छोटी सी 10 फीट की दुकान आज 3 मंजिला बड़े मार्ट में बदल चुकी है. लखनलाल भावसार ने बेहद सीमित संसाधनों के साथ इस कारोबार की शुरुआत की थी और आज यह एक जाना-माना नाम बन चुका है. ईमानदारी और ग्राहकों के भरोसे ने इस बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. परिवार के सहयोग और कड़ी मेहनत से इस दुकान ने लगातार विकास किया है. यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो कम संसाधनों में बड़ा सपना देखता है.

Indore News: इंदौर का “गणेश कैप मार्ट” आज भले ही एक बड़ा नाम बन चुका हो, लेकिन इसकी शुरुआत बेहद छोटी थी. गौरीशंकर भावसार बताते हैं कि उनके पिता लखनलाल भावसार बैतूल के एक छोटे से गांव से सिर्फ लोटा-गिलास लेकर इंदौर आए थे. शुरुआत में वे हाट-बाजार में तंबू लगाकर टोपियां बेचते थे.

होलकर काल से जुड़ी परंपरा
उस समय टोपियों का खास महत्व था. राजवाड़ा महल के पास बिना कसीदे वाली पारंपरिक टोपी पहने जाना जरूरी माना जाता था. इसी वजह से इन टोपियों की खूब बिक्री होती थी. बाद में उन्होंने इतवारिया बाजार में 10 फीट की छोटी सी दुकान खोल ली और वहीं से असली सफर शुरू हुआ.

वक्त के साथ बदला व्यापार
शुरुआत में दुकान पर सिर्फ टोपियां और गमछे मिलते थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बदला, वैसे-वैसे ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सामान बढ़ाया गया. धीरे-धीरे दुकान बढ़ती गई और आज यह 3 मंजिला मार्ट बन चुकी है, जो करीब 5000 स्क्वायर फीट में फैली हुई है.

ईमानदारी बनी सबसे बड़ी ताकत
गौरीशंकर बताते हैं कि उनके पिता ने हमेशा सिखाया कि ग्राहक के साथ ईमानदारी सबसे जरूरी है. यही वजह है कि आज भी वे कम दाम में अच्छी क्वालिटी का सामान देते हैं. जो कपड़ा 110 रुपए में बिकता है, उसे वे चाहें तो ज्यादा दाम में बेच सकते हैं, लेकिन उनका मकसद भरोसा कमाना है, सिर्फ मुनाफा नहीं.

परिवार की मेहनत ने बदली किस्मत
इस कारोबार को खड़ा करने में पूरे परिवार की मेहनत लगी. दोनों भाइयों ने मिलकर इसे आगे बढ़ाया. आज यह बिजनेस उनके बेटे और भतीजे संभाल रहे हैं और तेजी से इसका विस्तार भी कर रहे हैं. दुकान का नाम भी बड़े भाई प्रकाश (गणेश) के नाम पर रखा गया है. जो दुकान कभी 10 फीट की थी, आज वह एक बड़ा मार्ट बन चुकी है. इतनी पॉपुलैरिटी है कि रिनोवेशन के समय भी दुकान बंद नहीं रख पाए. हर तरह के ग्राहक यहां आते हैं और यही इस मेहनत की सबसे बड़ी जीत है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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