38 करोड़ की लागत से गुरू गोबिंद सिंह का बन रहा है म्यूजियम

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Burhanpur news: गुरु गोविंद सिंह जी महाराज 6 महीने 9 दिन तक बुरहानपुर में रुके हुए थे. इसी के कारण हमें एक केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से म्यूजियम की सौगात मिली है. हमारे लिए बड़ी खुशी की बात है इस म्यूजियम में गुरु गोविंद सिंह महाराज से जुड़ी हुई जितनी भी चीज हैं उसको वहां पर रखा जाए.

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बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले को संतों की नगरी भी कहा जाता है. यहां पर कई महापुरुष और संत आए और रूखे और उनके द्वारा तपस्या और अपना बलिदान दिया गया है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह महाराज छह माह 9 दिन तक बुरहानपुर में रुके हुए थे. जिसको लेकर अब केंद्र और राज्य सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है.

मध्य प्रदेश क्षेत्र का अपने आप में पहला म्यूजियम बुरहानपुर जिले में 38 करोड रुपए की लागत से बनने जा रहा है. जिसको लेकर सिख धर्म के लोगों में भी बड़ा उत्साह देखने के लिए मिल रहा है. समाज के लोग यह भी बताते हैं कि गुरु गोविंद सिंह महाराज ने अपने हाथों से यहां पर गुरु ग्रंथ साहिब पर स्वर्णिम अक्षरों से हस्ताक्षर भी किए हुए हैं. इसलिए यह गुरुद्वारा और भी खास माना जाता है.

इतने दिन रुके थे गुरू गोबिंद

लोकल 18 की टीम ने जब सिक्ख समाज के शैली किर से बात की तो उन्होंने बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज 6 महीने 9 दिन तक बुरहानपुर में रुके हुए थे. इसी के कारण हमें एक केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से म्यूजियम की सौगात मिली है. हमारे लिए बड़ी खुशी की बात है इस म्यूजियम में गुरु गोविंद सिंह महाराज से जुड़ी हुई जितनी भी चीज हैं उसको वहां पर रखा जाएगा. लोग गुरु गोविंद सिंह महाराज के इतिहास से रूबरू होंगे यह बड़ी खुशी की बात है इसलिए हम मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार का आभार मानते हैं.

38 करोड रुपए की लागत से बन रहा है म्यूजियम

बुरहानपुर जिले में यह म्यूजियम करीब 38 करोड रुपए की लागत से बनाया जा रहा है. यहां पर गुरु गोविंद सिंह महाराज से जुड़ी हुई सभी वस्तुओं को रखा जाएगा और यहां पर पर्यटक इन चीजों को आसानी से देख सकते हैं. अभी फिलहाल में गुरु गोविंद सिंह महाराज से जुड़ी हुई सब वस्तुएं गुरुद्वारे में रखी हुई है जहां पर आज भी देश-विदेश के पर्यटक यहां पर आते हैं और माथा टेकने के बाद गुरु गोविंद सिंह महाराज द्वारा जो स्वर्णिम अक्षरों में गुरु ग्रंथ साहिब पर हस्ताक्षर किए हुए हैं उसको देखकर ही आगे का सफर तय करते हैं यह गुरुद्वारा इसलिए भी खास कहलाता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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