MPPSC ने वर्ष 2023 की राज्य प्रशासनिक सेवा की परीक्षा का परिणाम शनिवार शाम घोषित कर दिया। इसमें गुना की मोनिका धाकड़ का DSP के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की है। इससे पहले वर्ष 2024 की परीक्षा में उनका चयन लेखा सेवा(वि
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मोनिका धाकड़ गुना के आरोन इलाके के पहाड़िया गांव की रहने वाली हैं। उनके दादा भैयालाल धाकड़ पूर्व मंडी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके पिता वर्तमान में पहारुआ पंचायत के सरपंच हैं। वहीं उनकी मां रेखा धाकड़ गृहणी हैं।
मोनिका की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से हुई। कक्षा 5 तक की पढ़ाई उन्होंने गांव से किम इसके बाद कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई हिन्दूपथ स्कूल राघौगढ़ से हुई। इसके बाद उन्होंने इंदौर के अरिहंत कालेज से BA किया। इसके बाद इंदौर के ही अटल बिहारी वाजपाई कॉलेज से उन्होंने हिस्ट्री में MA किया। दैनिक भास्कर ने मोनिका से तैयारियों के संबंध में बात की। पढ़िए पूरी बातचीत…
सवाल – आपने कैसे तैयारी की? रोजाना कितना समय पढ़ाई को दिया?
जवाब – मैंने इस परीक्षा की तैयारी इंदौर में रहकर की। शुरुआत में कोचिंग ज्वॉइन की थी, परन्तु कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद सेल्फ स्टडी के माध्यम से ही तैयारी की। 2023 एमपीपीएससी प्रथम प्रयास दिया, जिसमें डीएसपी के पद पर चयनित हुई। सामान्यतः दिन में 10- 12 घंटे क्वालिटी स्टडी की और परीक्षा के दौरान 14- 15 घंटे औसत पढ़ाई की।
मोनिका का पहले ही प्रयास में DSP के पद पर चयन हुआ है।
सवाल – सोशल मीडिया का उपयोग किया? अगर हां, तो यह तैयारी में कैसे सहायक रहा?
जवाब – यह हमारे स्वविवेक पर निर्भर करता है कि हम सोशल मीडिया का उपयोग अपनी तैयारी को और बेहतर बनाने के लिए करते है या भटकाव के लिए। मैंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया पर जनसंपर्क, mympgov.in, mptourism जैसे पेजेस को फॉलो किया एवं करेंट अफेयर्स से संबंधित डेटा सोशल मीडिया से एकजुट किया।
सवाल – कभी डीमोटिवेट फील किया, तो उससे खुद को कैसे बाहर निकाला?
जवाब – चूंकि MPPSC की तैयारी बहुत लंबा समय मांगती है। अन्य विद्यार्थियों की तरह मुझे भी कभी कभी खुद पर और अपनी क्षमताओं पर संदेह होता था कि मैं परीक्षा निकल पाऊंगी या नहीं। ऐसे समय में मेरे माता – पिता हमेशा हौसला बुलंद करने के लिए मेरे लिए उपस्थित थे। मुझसे ज्यादा उन्हें मेरी क्षमताओं एवं काबिलियत पर भरोसा था। तैयारी के दौरान उन्होंने कभी मुझे डगमगाने नहीं दिया और ढाल बनकर हमेशा मुझे बाहरी दबाव और भटकाव से प्रोटेक्ट किया।
सवाल – कोई कोचिंग ली या सेल्फ स्टडी की? सिलेबस को कैसे कंप्लीट किया?
जवाब – मैंने शुरुआत में कोचिंग ली थी, परन्तु सिलेबस बदलने के बाद लगभग 80% इंटरनेट के माध्यम से कंप्लीट किया।
सवाल – आने वाले बच्चों को तैयारी के लिए क्या टिप्स देना चाहेंगी?
जवाब – इसके लिए दो टिप्स हैं। पहला, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें। दूसरा, स्मार्ट एवं क्वालिटी स्टडी करें।

राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने मोनिका को बधाई दी।
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