गुलकंद क्यों है खास?
गुलकंद गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी से बनाया जाता है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई पोषक तत्व भी देता है. इसमें विटामिन A, C, E, B6, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में होते हैं. यह लो-कैलोरी फूड है, इसलिए वज़न बढ़ने का डर भी नहीं रहता.
गर्मी के मौसम में यह ब्लोटिंग, पेट दर्द, एसिडिटी, इचिंग और बैक एक्ने जैसी दिक्कतों को कम करता है. कई लोगों में गर्मी के कारण शुगर क्रेविंग बढ़ जाती है, ऐसे में गुलकंद मीठा खाने की इच्छा पूरी करते हुए शरीर को हेल्दी भी रखता है.
गुलकंद के फायदे
1. कब्ज से राहत
गलत खानपान, कम पानी पीना और अनियमित लाइफस्टाइल से कब्ज की समस्या बढ़ती है. गुलकंद में मौजूद नैचुरल फाइबर और शुगर आंतों में पानी की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे बॉवल मूवमेंट आसान हो जाता है. यह प्रोबायोटिक फूड है, जो गट में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता है और पाचन दुरुस्त करता है. रात को सोने से पहले दूध में गुलकंद मिलाकर पीना कब्ज और एसिडिटी दोनों से राहत देता है.
गुलकंद में मौजूद आयरन और मिनरल्स हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाते हैं, जिससे ब्लड सेल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और थकान को दूर करते हैं. रोज़ाना 1 चम्मच गुलकंद खाने से दिनभर एक्टिवनेस बनी रहती है.
3. पीसीओडी में मददगार
हार्मोनल असंतुलन से होने वाली पीसीओडी की समस्या में गुलकंद सहायक साबित हो सकता है. यह क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को कम करता है, स्किन पर होने वाले एक्ने को घटाता है और हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाता है.
थायरॉइड हार्मोन का स्तर संतुलित रखने में गुलकंद मदद करता है. दिन में दो बार इसका सेवन थायरॉइड पेशेंट्स के लिए लाभकारी हो सकता है. इसे पानी में घोलकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और एनर्जी लेवल भी अच्छा रहता है.
दूध के साथ – 1-2 चम्मच गुलकंद ठंडे दूध में मिलाकर शेक बनाएं.
पानी के साथ – 1 चम्मच गुलकंद गुनगुने या ठंडे पानी में घोलकर पिएं.
सीधा सेवन – सुबह या रात को 1 चम्मच गुलकंद सीधे खा सकते हैं.
ध्यान रखने वाली बातें
1. डायबिटीज के मरीज गुलकंद खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.
2. ज्यादा मात्रा में खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है.
3. हमेशा घर पर बना या विश्वसनीय ब्रांड का गुलकंद चुनें, ताकि इसमें किसी तरह के केमिकल न हों.