गमले में आसानी से उगाएं शलजम, 25 दिन में पाएं ताजी सब्जी! न ज्यादा जगह, न तकनीक, बस फॉलो करें ये 5 टिप्स

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How To Grow Shaljam at Home: सर्दियों में ताजी और पौष्टिक सब्जियों की चाहत हर घर में बढ़ जाती है. ऐसे में शलजम न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पोषण से भी भरपूर है. घर के किचन गार्डन या गमले में इसे उगाना आसान है और इससे बाजार पर निर्भरता भी कम होती है. इस खबर में जानिए कैसे आप घर पर आसानी से ही शलजम उगा सकते हैं.

सर्दियों के मौसम में हरी और मौसमी सब्जियों की मांग बढ़ जाती है. शलजम ऐसी सब्जी है जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर होती है. इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है और यह किचन गार्डन के लिए भी परफेक्ट विकल्प है. घर में शलजम उगाकर लोग ताजी, शुद्ध और ऑर्गेनिक सब्जी सीधे अपने बगीचे या बालकनी से ले सकते हैं. इससे बाजार पर निर्भरता कम होती है और परिवार को हमेशा ताजगी और सेहत मिलती है.

शलजम

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार के अनुसार, शलजम को घर के छोटे गमले, बालकनी या बगीचे में भी उगाया जा सकता है. इसके लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती और किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की भी आवश्यकता नहीं है. थोड़े से पैट या बड़े गमले में कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर शलजम उगाना आसान हो जाता है.

शलजम

घर पर उगाई गई शलजम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह ताजी और शुद्ध होती है. बाजार से खरीदी गई शलजम की तुलना में इसका स्वाद बेहतर होता है और पोषण अधिक मिलता है. यही कारण है कि लोग अब अपने घर के किचन गार्डन में इसे उगाना पसंद कर रहे हैं.

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शलजम

शलजम को पूरी या आंशिक धूप की जरूरत होती है. इसे लगाने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां रोजाना 6-8 घंटे की धूप सीधे पौधों तक पहुँच सके. ठंडा या हल्का गर्म वातावरण दोनों ही शलजम के लिए उपयुक्त है, लेकिन धूप और नमी का ध्यान रखना जरूरी है.

शलजम

शलजम के लिए कम से कम 8-10 इंच गहरा गमला लें. मिट्टी बहुत सख्त नहीं होनी चाहिए. मिट्टी तैयार करने के लिए 40% बाग की मिट्टी, 30% गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट और 30% रेत मिलाएं. मिट्टी में नमी होनी चाहिए, लेकिन पानी जमा न हो.

शलजम

गमले में तैयार मिट्टी भरने के बाद शलजम के बीज 1–1.5 सेंटीमीटर गहराई में बो दें. ऊपर से हल्का पानी डालें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना कम से कम 4–5 घंटे धूप मिले. बीज 4–6 दिन में अंकुरित होकर छोटे पौधे बन जाते हैं.

शलजम

गमले की मिट्टी को हमेशा नम रखें, लेकिन पानी भरने से बचें. हर 10–12 दिन में गोबर की खाद का घोल डालें. पौधे जब थोड़े बड़े हो जाएं, तो भीड़भाड़ वाले पौधों को हटाएं ताकि बाकी पौधे स्वस्थ और मजबूत रहें.

शलजम

बीज बोने के 25-30 दिन बाद शलजम तैयार हो जाता है. जब शलजम गोल और मध्यम आकार का हो जाए, तब उसे निकाल लें. ज्यादा देर तक छोड़ने से शलजम कड़वा हो सकता है. ताजा शलजम को तुरंत इस्तेमाल करें या सही तरीके से स्टोर करें ताकि स्वाद और पोषण सुरक्षित रहें.

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गमले में उगाएं शलजम, 25 दिन में पाएं ताजी सब्जी! बस फॉलो करें ये 5 टिप्स

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