Dhaniya Ugane Ka Tarika: हरी धनिया का इस्तेमाल कुकिंग में हर घरों में बहुत होता है. ये व्यंजन में फ्रेशनेस को एड करता है. लेकिन गर्मी के महीने में हरी धनिया खरीदना और इसे स्टोर करना एक मुश्किल काम होता है. ऐसे में जब भी आप घर में इसे उगाते हैं तो आपको हर बार ताजी पत्तियां मिल जाती हैं. यह न सिर्फ सस्ता होता है बल्कि केमिकल-फ्री और साफ भी होता है.
हालांकि ज्यादातर लोग सिर्फ इसलिए धनिया नहीं उगाते हैं क्योंकि इसके लिए मिट्टी की जरूरत होती है. लेकिन ऐसा नहीं है. हरी धनिया को बिना मिट्टी के भी सिर्फ पानी की मदद से उगाया जा सकता है. इसके लिए बस सही तरीका और थोड़ी धूप चाहिए. 15 दिनों से भी कम समय में घर पर ताजा धनिया उगाकर इस्तेमाल कर सकते हैं.
जरूरी सामग्री
– धनिया के बीज
– एक कांच का जार, कटोरा या कंटेनर
– साफ पीने का पानी
– जाली/कपड़ा या छेद वाला ढक्कन
– हल्की धूप (किचन की खिड़की सबसे अच्छी जगह है)
हरी धनिया उगाने का स्टेप बाय स्टेप तरीका
बीज तैयार करें- धनिया के बीज असल में दो हिस्सों में जुड़े होते हैं. इन्हें हल्के से हथेलियों के बीच दबाकर दो हिस्सों में अलग कर लें. इससे बीज जल्दी अंकुरित होते हैं. ध्यान रखें कि ज्यादा जोर से न दबाएं. अलग किए हुए बीजों को गुनगुने पानी में 12–24 घंटे के लिए भिगो दें. इससे बीज का बाहरी खोल नरम हो जाता है और अंकुरण शुरू हो जाता है. इसके बाद पानी निकाल दें.
सही बर्तन चुनें- चौड़े मुंह वाला जार, कटोरा या कांच का कंटेनर लें. उसे अच्छी तरह धो लें. पारदर्शी कंटेनर होने से जड़ों की बढ़त आसानी से दिखती है. जार को आधा साफ और कमरे के तापमान वाले पानी से भरें. आप फिल्टर किया हुआ या उबला-ठंडा किया पानी भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
बीज ऊपर रखें- जार के ऊपर जाली या कपड़ा रखकर उस पर भीगे हुए बीज फैला दें. बीज हल्के से पानी को छूते रहें. इससे उन्हें नमी मिलती रहती है और वे डूबते नहीं. जार को ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप आती हो. तेज दोपहर की धूप से बचाएं. सुबह की धूप सबसे अच्छी होती है.
अंकुर निकलना शुरू होगा- 3–5 दिनों में छोटे सफेद अंकुर दिखाई देने लगेंगे. बीजों को हल्का-सा पानी स्प्रे करके नम रखें. हर 2 दिन में पानी बदलें ताकि साफ-सफाई बनी रहे.
हाइड्रोपोनिक सेटअप में ट्रांसफर करें- जब जड़ें लंबी होने लगें और पत्तियां निकलने लगें. अंकुरित बीजों को ऐसे कंटेनर में रखें जिसमें जाली वाला ढक्कन हो. जड़ें पानी में रहें और पत्तियां पानी के ऊपर रहें.
पानी की देखभाल- हर 2–3 दिन में पानी बढ़ाएं. हफ्ते में दो बार पूरा पानी बदलें. चाहें तो 10–12 दिन में एक बार थोड़ा ऑर्गेनिक लिक्विड फर्टिलाइजर डाल सकते हैं.
कटाई (हार्वेस्ट)- जब पौधा 4–5 इंच का हो जाए, तब पत्तियां काट सकते हैं. हमेशा ऊपर से काटें ताकि पौधा और घना हो सके. एक बार में पौधे का एक-तिहाई से ज्यादा हिस्सा न काटें.
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