गमले में उगाएं बाजार जैसा घना पुदीना! आलू वाली इस ट्रिक से मिलेंगी ताजी पत्तियां

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How to Grow Pudina at Home: गर्मियों की चिलचिलाती धूप में पुदीने की ताजगी हर किसी की जरूरत बन जाती है, लेकिन इसे बाजार से खरीदने के बजाय घर के एक छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. गार्डनिंग एक्सपर्ट रमेश चौहान के अनुसार, मिट्टी के सही मिश्रण और रसोई में मौजूद आलू के इस्तेमाल से आप पुदीने को घना और हरा-भरा बना सकते हैं. वो भी बिना किसी महंगे केमिकल के, सिर्फ एक खास घरेलू ट्रिक के जरिए. आइए जानते हैं क्या है वो तरीका.

गर्मियों में पुदीना हर घर की जरूरत बन जाता है, लेकिन बाजार से लाने की बजाय इसे घर पर उगाना ज्यादा फायदेमंद है. ऑर्गेनिक तरीके से उगाया गया पुदीना न सिर्फ सुरक्षित होता है, बल्कि स्वाद और खुशबू में भी बेहतर होता है. छोटे से गमले में भी आप इसे आसानी से उगा सकते हैं. सही तकनीक अपनाकर आप कुछ ही दिनों में इसे घना और हरा-भरा बना सकते हैं. खास बात ये है कि इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता और रोजाना ताजा पत्तियां मिलती रहती हैं.

पुदीना उगाने में सबसे अहम रोल मिट्टी का होता है, अगर मिट्टी सही नहीं होगी तो पौधा कमजोर रह जाएगा. इसके लिए आपको 20% कोकोपीट, 15% वर्मीकम्पोस्ट या गोबर खाद और बाकी सामान्य मिट्टी मिलानी चाहिए. यह मिश्रण मिट्टी को हल्का और भुरभुरा बनाता है, जिससे जड़ों को फैलने में आसानी होती है. रेतीली मिट्टी पुदीने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है क्योंकि इसमें पानी रुकता नहीं है और पौधा सड़ने से बचा रहता है.

बीज से उगाने की बजाय पुदीने की टॉप कटिंग सबसे आसान और तेज तरीका है. कटिंग में कम से कम दो नोड होना जरूरी है, जहां से नई पत्तियां निकलती हैं. नीचे की पत्तियां हटाकर कटिंग को हल्की मिट्टी में लगाएं और हल्का दबा दें. यह तरीका इसलिए खास है क्योंकि इसमें पौधा जल्दी जड़ पकड़ता है और कुछ ही दिनों में नई पत्तियां निकलने लगती हैं. शुरुआती दिनों में इसे सीधी धूप से बचाकर रखना चाहिए.

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स्थानीय निवासी रमेश चौहान बताते हैं कि पुदीने की ग्रोथ बढ़ाने के लिए आलू से बनी खाद बेहद असरदार घरेलू उपाय है. एक आलू को पीसकर एक लीटर पानी में मिलाएं और इसे पौधे में डाल दें. यह प्राकृतिक फर्टिलाइजर पौधे को जरूरी पोषक तत्व देता है. खास बात यह है कि आप सड़े हुए आलू का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे यह पूरी तरह फ्री और इको-फ्रेंडली बन जाता है. इस ट्रिक से पौधा तेजी से फैलता है और पत्तियां ज्यादा हरी और घनी हो जाती हैं.

रमेश बताते हैं कि पुदीना उगाते समय पानी का संतुलन बेहद जरूरी है. ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है. गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. शुरुआत में हल्का पानी दें और मिट्टी को हमेशा नम रखें, लेकिन गीला नहीं. सही पानी प्रबंधन से पौधा स्वस्थ रहता है और तेजी से बढ़ता है. यह छोटी सी सावधानी आपके पौधे को लंबे समय तक हरा-भरा बनाए रखती है.

कटिंग लगाने के बाद पुदीने को सीधे तेज धूप में नहीं रखना चाहिए. पहले 5–7 दिन इसे हल्की छांव या छनकर आने वाली धूप में रखें. बाद में धीरे-धीरे धूप में शिफ्ट करें. पौधे को घना बनाने के लिए समय-समय पर इसकी टॉप पत्तियां काटते रहें, जिसे पिंचिंग कहते हैं. इससे नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा झाड़ी जैसा घना हो जाता है. यह ट्रिक प्रोफेशनल गार्डनर्स भी इस्तेमाल करते हैं.

पुदीना सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि गर्मियों का सुपरफूड भी है. यह शरीर को ठंडक देता है और लू से बचाव करता है. पाचन सुधारने, गैस और एसिडिटी कम करने में भी यह बेहद फायदेमंद है. आप इसका इस्तेमाल चटनी, शिकंजी, रायता और कई ड्रिंक्स में कर सकते हैं. घर पर उगाया गया पुदीना केमिकल-फ्री होता है, जिससे इसका फायदा और भी बढ़ जाता है. रोजाना ताजा पत्तियों का इस्तेमाल आपके खाने को हेल्दी और स्वादिष्ट बना देता है.

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