Ground Report: अरे इमरजेंसी है, दूध लेने निकला हूं…हेलमेट न पहनने के ऐसे बहाने सुन SI ने पकड़ा माथा

Jabalpur News: मध्यप्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में वाहन चालक के साथ पीछे बैठने वालों को भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. यह नियम जबलपुर सहित भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में लागू कर दिया गया है. जिसकी रियलिटी चेक करने News 18 डिजिटल की टीम पहुंची. जबलपुर के सबसे व्यस्ततम चौराहे तीन पत्ती चौक में जहां बकायदा ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात थे. चेकिंग चल रही थी, लेकिन आम लोग आदेश को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे थे. सवारी तो दूर चालकों तक ने हेलमेट नहीं पहना था. कुछ पुलिस को देख अपना रास्ता बदल रहे थे. जिन पर जुर्माना वसूला जा रहा था.

जब हमारी टीम ने हेलमेट न लगाने वाले ऐसे लोगों से बातचीत की. तब 2 मिनट के लिए चालक सोच में जरूर पड़ गए… कि अब क्या ही बोले? जहां तमाम लोगों ने तमाम प्रकार के बहाने बताएं. किसी ने कहा…. इमरजेंसी थी, इसीलिए हेलमेट लगाकर नहीं निकल पाए, किसी ने कहा हेलमेट घर पर छूट गया, तो किसी ने कहा घर 100 मीटर दूर है दूध लेने निकले हैं…. जबकि कुछ लोग सॉरी सर कहकर पुलिस के हाथ-पैर जोड़ते भी नजर आए. लिहाजा यह बहाना सुनकर ट्रैफिक के आला अधिकारियों का भी दिमाग अब चकरा गया.

SI बोले; चलानी कार्रवाई करना उद्देश्य नहीं 

ट्रैफिक पुलिस के SI राहुल सिंह ठाकुर ने बताया चालानी कार्रवाई करना ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य नहीं है बल्कि लोगों को जागरूक करना है. लेकिन समझाइश देने के बावजूद लोग नहीं मान रहे हैं और जान जोखिम में डाल रहे हैं. जबलपुर शहर में अधिकांश दुर्घटनाओं में मौत हेड इंजरी के कारण ही हो रही है. जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है. जिसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चालानी कार्रवाई कर हिदायत दी जा रही है. जबलपुर शहर में 5 पॉइंट बनाए गए हैं. जहां चेकिंग चलाई जा रही है.

बहाने सुनकर चकरा रहा ट्रैफिक पुलिस का माथा 

ट्रैफिक पुलिस में तैनात जवानों का कहना है बहाने सुन-सुन कर थक चुके हैं. वाहन चालक हेलमेट पहनते नहीं है और तरह-तरह के बहाने भी बनाते हैं. हालांकि कुछ परिस्थितियों में लोगों को समझाइए देकर जरूर छोड़ दिया जाता है लेकिन सख्ती बरतना भी जरूरी है क्योंकि यह नियम सभी के लिए लागू है. जहां स्वयं की ही सुरक्षा होनी हैं उसके बावजूद भी लोगों कभी सॉरी कहते हैं, कभी नेताओं से बात कराते हैं. कभी दूध लेने आए थे सर, पास में घर है सर, भूल गए सर, एक बार मौका दे दीजिए सर, मां एडमिट है सर, इस तरीके से तरह-तरह के बहाने बनाते हैं.

सड़क हादसों में एक नजर…क्या बोलते है आंकड़े

मध्यप्रदेश में यह आंकड़े जरूर चौंकाने वाले हैं क्योंकि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में करीब 56 हजार सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं. जिसमें सर्वाधिक मौत जबलपुर में हुई हैं. जहां आंकड़ा करीब 2 हजार से ज्यादा का है. इसमें से 80 फीसदी मोटे हेलमेट न पहनने से हुई है, दूसरी तरफ जबलपुर में मात्र 25 फ़ीसदी ही चालक हेलमेट लगाकर वाहन चलाते हैं. बहरहाल न्यूज़ 18 डिजिटल अपील करता है कि आप घर से जब भी निकले, तब हेलमेट जरूर लगाए क्योंकि सावधानी में ही सुरक्षा है.

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