चटनी, शरबत, रायता के लिए घर में हमेशा रहेगा हरा पुदीना, बस गमले में डाल दें ये चीज

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गर्मियों के मौसम में पुदीना न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. अगर इसे घर पर ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जाए तो यह हर दिन के उपयोग में आ सकता है. पुदीना से चटनी, शिकंजी, रायता और ठंडे पेय तैयार किए जाते हैं. 

गर्मियों के मौसम में पुदीना न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. अगर इसे घर पर ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जाए तो यह हर दिन के उपयोग में आ सकता है. पुदीना से चटनी, शिकंजी, रायता और ठंडे पेय तैयार किए जाते हैं. खास बात यह है कि इसे गमले या छोटे स्थान में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे घर बैठे ताजा और सुरक्षित पुदीना उपलब्ध हो जाता है.

कृषि विशेषज्ञ डॉ० अखिलेश शाह ने बताया कि पुदीना उगाने के लिए सबसे जरूरी है सही मिट्टी का चयन. चिकनी मिट्टी में पुदीना की बढ़वार अच्छी नहीं होती, इसलिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी तैयार करनी चाहिए. इसके लिए 20 प्रतिशत कोकोपीट, 15 प्रतिशत वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद और बाकी सामान्य मिट्टी मिलाएं. इस मिश्रण से मिट्टी में नमी बनी रहती है और जड़ों को हवा भी मिलती है, रेतीली या जल निकासी वाली मिट्टी पुदीना की तेजी से ग्रोथ के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है.

उन्होंने कहा कि पुदीना लगाने के लिए गहरा गमला जरूरी नहीं होता, बल्कि चौड़े मुंह वाला गमला अधिक बेहतर रहता है. गमले के नीचे ड्रेनेज के लिए छेद होना अनिवार्य है ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. यदि गमले में पानी जमा हो जाए तो पौधों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. मिट्टी भरने से पहले गमले के नीचे छोटे कंकड़ या ईंट के टुकड़े भी डाल सकते हैं, जिससे जल निकासी बेहतर होती है और पौधा स्वस्थ रहता है.

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उन्होंने कहा कि पुदीना लगाने के लिए टॉप कटिंग सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है. कटिंग में कम से कम दो नोड होना जरूरी है ताकि जड़ें जल्दी बन सकें. कटिंग लगाने से पहले नीचे की पत्तियां हटा दें और मिट्टी में हल्का गड्ढा बनाकर कटिंग लगा दें. इसके बाद मिट्टी को हल्का दबाएं और पानी दें. कटिंग लगाने के बाद पौधे को सीधी धूप में न रखें, बल्कि छनकर आने वाली हल्की धूप वाली जगह पर रखें.

उन्होंने बताया कि पुदीना की तेजी से बढ़वार के लिए घर पर तैयार आलू की खाद काफी असरदार मानी जाती है. इसके लिए एक आलू को पीसकर एक लीटर पानी में मिलाएं और इस घोल को पौधे में डाल दें. यह पूरी तरह प्राकृतिक और मुफ्त ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर है. पुराने या सड़े हुए आलू से भी यह खाद तैयार की जा सकती है. इस घोल में मौजूद पोषक तत्व जड़ों को मजबूती देते हैं और पुदीना तेजी से फैलने लगता है.

उन्होंने आगे कहा कि आलू की खाद का उपयोग करने से पुदीना की ग्रोथ में तेजी देखने को मिलती है. लगभग 10 से 15 दिनों में पौधा हरा-भरा और घना दिखने लगता है. इस खाद को हर 10 दिन के अंतराल पर हल्की मात्रा में खाद देना पर्याप्त होता है. ज्यादा मात्रा देने से मिट्टी में नमी अधिक हो सकती है. नियमित उपयोग से पुदीना की पत्तियां बड़ी, सुगंधित और ताजा रहती हैं, जिससे घर की जरूरत आसानी से पूरी हो जाती है.

उन्होंने यह भी बताया कि कटिंग लगाने के बाद पौधे को हल्का पानी देना चाहिए और ज्यादा पानी से बचना चाहिए. लगभग 7 से 8 दिन बाद पौधे को हल्की धूप में रखा जा सकता है. पुदीना को घना बनाने के लिए समय-समय पर टॉप पिंचिंग करना जरूरी है. ऊपर की नई टहनियों को हल्का काटने से पौधा नीचे से फैलने लगता है. इससे कम समय में गमला भर जाता है और पुदीना की भरपूर पत्तियां तैयार हो जाती हैं.

उन्होंने कहा कि गर्मियों में पुदीना का सेवन शरीर को ठंडक देने में मदद करता है और लू से बचाव करता है. यह पाचन सुधारने, गैस और एसिडिटी कम करने में भी सहायक होता है. पुदीना से बनी चटनी, शरबत, रायता और शिकंजी गर्मियों में ताजगी देते हैं. घर में उगाया गया ऑर्गेनिक पुदीना सुरक्षित और पौष्टिक होता है, कम देखभाल में तैयार होने वाला यह पौधा हर घर के किचन गार्डन के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है.

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