अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के अवसर पर गुरुवार की शाम भिंड शहर में भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत इस पदयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मानपुरा गांव से प्रारंभ हुई यह यात्रा करीब 5 किलोमीटर का सफर तय करते हुए भिंड शहर तक पहुंची, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। चल समारोह की शुरुआत मानपुरा गांव स्थित हनुमान जी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। यहां हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जिसके बाद श्रद्धालु जय-जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के साथ पदयात्रा पर निकले। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे मार्ग को भक्तिमय माहौल में बदल दिया। यात्रा अलग-अलग मार्गों से होती हुई देर रात करीब 8 से 9 बजे के बीच भिंड शहर में प्रवेश कर गई। पूरे रास्ते श्रद्धालु रामभक्ति में लीन नजर आए। गह-जगह फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत
शहरवासियों ने जगह-जगह फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया और प्रसाद व जलपान की व्यवस्था की। पदयात्रा का समापन भिंड में गौरी तालाब के पास स्थित कालेश्वर महादेव मंदिर पर किया गया। यहां भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने बताया कि 22 जनवरी को तीन वर्ष पूर्व अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ था। उसी की स्मृति में पिछले तीन वर्षों से लगातार यह शोभायात्रा निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। इस पदयात्रा में प्रमुख रूप से अमित बौहरे, महेंद्र भदौरिया, योगेंद्र भदौरिया, अवधेश शिवहरे, नींलेन्द्र तिवारी, दलवीर राठौर, लिटिल त्रिपाठी, देव विधोलिया, विनीत शर्मा, सचिन शर्मा, पूनम राजवत और अनुराग भदौरिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। .