बेटियों को सरवाइकल कैंसर से ‘सुरक्षा कवच’ देगी सरकार! पर 14 साल की उम्र ही क्‍यों चुनी गई?

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भारत में हर 8 म‍िनट में एक मह‍िला सरवाइकल कैंसर से मर रही है. ऐसे में अब अब भारत सरकार ने देशव्यापी ‘ह्यूमन पैपिलोमावायरस’ (HPV) वैक्‍स‍िनेशन अभियान शुरू करने का फैसला किया है. इस विशेष कार्यक्रम के तहत हर साल 14 वर्ष की आयु पूरी करने वाली लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को सरवाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगाया जाएगा. पर ये उम्र 14 साल ही क्‍यों रखी गई है?

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भारत में हर 8 म‍िनट में एक मह‍िला सरवाइकल कैंसर से मर रही है… भारत में हर साल 80,000 मह‍िलाएं इस कैंसर की चपेट में आती हैं. सरवाइकल कैंसर मह‍िलाओं में होने वाला दूसरा सबसे कॉमन कैंसर है. ये आंकड़े बताते हैं कि इसपर गंभीरता से कदम उठाने की क‍ितनी जरूरत है. इसी को देखते हुए अब भारत सरकार ने देशव्यापी ‘ह्यूमन पैपिलोमावायरस’ (HPV) वैक्‍स‍िनेशन अभियान शुरू करने का फैसला किया है.

इस विशेष कार्यक्रम के तहत हर साल 14 वर्ष की आयु पूरी करने वाली लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को सरवाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगाया जाएगा. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस फ्री वैक्‍स‍िनेशन ड्राइव के ल‍िए 14 साल की उम्र ही क्‍यों चुनी गई है? क्‍या इससे कम उम्र की लड़क‍ियों को ये वैक्‍सीन देकर इस बीमारी को पहले ही नहीं रोका जा सकता? क्‍या 14 साल से कम उम्र की लड़क‍ियों में ये खतरा नहीं है? आइए जानते हैं इन सारे सवालों का जवाब.

भारत में हर साल लगभग 80,000 नए मामले सामने आते हैं और 42,000 से अधिक महिलाएं इस बीमारी के कारण दम तोड़ देती हैं. मंत्रालय के अनुसार, भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की मौत सरवाइकल कैंसर से होती है. पूरी दुनिया में इस कैंसर के कुल बोझ का पांचवां हिस्सा अकेले भारत में है. ऐसे में लगभग 2 सालों की तैयारी के बाद सरकार ने इस फ्री वैक्‍स‍िनेशन प्रोग्राम की घोषणा की है.

क्या है HPV और यह कैसे बनता है कैंसर?
HPV एक बहुत ही सामान्य वायरस है जो शारीरिक संपर्क के जरिए फैलता है. हालांकि ज्यादातर मामलों में शरीर खुद ही इसे साफ कर देता है, लेकिन जब इसका संक्रमण (खासकर टाइप 16 और 18) लंबे समय तक बना रहता है, तो यह कैंसर का कारण बनता है. विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से लेकर कैंसर विकसित होने में 10 से 15 साल का समय लगता है, जिसे टीकाकरण के जरिए रोका जा सकता है.

सरकार ने आखिर क्‍यों चुनी 14 साल की उम्र?
सरकार ने इस टीके के लिए 14 साल की आयु को इसलिए चुना है क्योंकि यह टीका वायरस के संपर्क में आने से पहले सबसे प्रभावी होता है. AIIMS के डॉक्टरों के अनुसार, कम उम्र के किशोरों में इस टीके के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक मजबूत होती है. यदि इस उम्र में टीका लगा दिया जाए, तो कैंसर होने का खतरा 90 से 95 प्रतिशत तक कम हो जाता है. यानी यही वो उम्र है, जब इस बीमारी को सबसे प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है.

कौन सा टीका लगेगा और कैसे?
इस सरकारी अभियान में मर्क (Merck) कंपनी की ‘गार्डासिल-4’ (Gardasil-4) वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाएगा. यह वैक्सीन चार तरह के HPV वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है. सरकार ने इसके लिए ‘सिंगल डोज’ (एक खुराक) का फैसला लिया है, जिसे WHO ने भी प्रभावी माना है. अब तक प्राइवेट अस्पतालों में इसके दो या तीन डोज लगते थे, लेकिन सरकार अब इसे आसान और प्रभावी बनाने के लिए एक ही डोज देगी.

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Deepika Sharma

दीपिका शर्मा प‍िछले 5 सालों से News18 Hindi में काम कर रही हैं. News Editor के पद पर रहते हुए Entertainment सेक्‍शन को 4 सालों तक लीड करने के साथ अब Lifestyle, Astrology और Dharma की टीम को लीड कर रही हैं. पत्र…और पढ़ें

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