कटनी शहर के बरगवां क्षेत्र में स्थित लगभग 10 करोड़ रुपए की सरकारी नजूल भूमि के अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफियाओं और प्रभावशाली व्यक्तियों ने प्रशासनिक मिलीभगत से इस बेशकीमती जमीन को निजी हाथों में सौंप दिया। इस खुलासे के बाद र
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कटनी निवासी अजय माली ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खसरा क्रमांक 140, 141 और 143/1 की कुल 0.308 हेक्टेयर भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज है, उसे धोखाधड़ी से निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया।
कटनी में विवादित नजूल भूमि का को कम कीमत पर बेचने का आरोप।
जमीन का सौदा 3.56 करोड़ में किया
शिकायत के अनुसार, 2368 वर्गफुट के एक पुराने भवन की नगर निगम टैक्स रसीद का उपयोग कर, पूरी 21 हजार वर्गफुट जमीन का सौदा मात्र 3.56 करोड़ रुपए में किया गया। जानकारों का कहना है कि इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है।
इस मामले का एक गंभीर पहलू यह है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन नजूल तहसीलदार ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस भूमि को पूरी तरह शासकीय बताया था।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि एक छोटे हिस्से को छोड़कर वहां कोई भी निर्माण वैध नहीं है। इसके अलावा, नगर निगम की ओर से दी गई भवन अनुमति केवल निजी उपयोग के लिए थी और उसमें जमीन के विक्रय पर स्पष्ट प्रतिबंध था। इन वैधानिक बाधाओं के बावजूद रजिस्ट्री होना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
पैट्रिक डन पर सरकारी भूमि में जालसाजी का आरोप
शिकायत के आधार पर पैट्रिक रॉबर्ट डन और अन्य व्यक्तियों पर इस जालसाजी का मुख्य सूत्रधार होने का आरोप है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक तथ्यों के जरिए शासन को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय राजस्व जांच और शासकीय भूमि से तत्काल अवैध कब्जा हटाने की मांग की है।
नियमों के खिलाफ की गई सभी रजिट्रियों (विक्रय पत्र) को निरस्त किया जाए।।संबंधित आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (420), जालसाजी (467, 468) और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
शिकायत मिलने के बाद जांच रिपोर्ट तलब
इस संबंध में जब मुख्य आरोपी पैट्रिक रॉबर्ट डन का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। इस मामले पर कलेक्टर महोदय से चर्चा की गई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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