गुगल का AI करेगा कैंसर का इलाज, एक-एक कोशिका पर अब होगा वार, सुंदर पिचाई ने कहा मील का पत्थर

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AI breakthrough in cancer treatment: एआई भारी से भारी काम को आसान बनाने लगा है. अब एआई ने कैंसर के इलाज में ऐसा तकनीक उपलब्ध करा दिया है जो कैंसर के इलाज में मील का पत्थर साबित हो सकता है. गुगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसकी जमकर तारीफ की है.

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कैंसर को खत्म करने की रणनीति.

Google AI treatment for cancer: विज्ञान जैसे-जैसे प्रगति की ओर बढ़ रहा है कैंसर के इलाज में भी तरक्की होने लगी है. अब गुगल के एआई से कैंसर को मात देने की सीधे तैयारी हो रही है. दरअसल, गुगल ने डीप माइंड एआई की मदद से कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी तरीका खोजने का दावा किया जा रहा है. गूगल डीपमाइंड ने घोषणा की है कि उसकी नई बायोलॉजिकल आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) ने कैंसर उपचार के लिए एक नई परिकल्पना तैयार की है, जिसे प्रयोगों में साबित भी किया है. गुगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कैंसर के इलाज में इस तकनीक को मील का पत्थर बताया है. सुंदर पिचाई ने कहा है कि गुगल के एआई की मदद से कैंसर के उस ट्यूमर को पहचानने में मदद मिलेगी जो हमारी इम्यूनिटी को चकमा दे देता है.

गूगल की एआई ने कैंसर में क्या नया खोजा

इससे पहले यह जान लीजिए कि कैंसर के इलाज में अब तक क्या विकसित हुआ है. कैंसर जब एक से कई कोशिकाओं में पनपता है तो एक गुच्छा बना लेता है जिसे कैंसर ट्यूमर कहा जाता है. कैंसर के इलाज के लिए हमारे पास कई तकनीकियों में एक तकनीक है इम्यूनोथेरेपी. इसमें दवा हमारे इम्यून सिस्टम को ही इस काबिल बना देता है कि वह आसानी से इन ट्यूमर कोशिकाओं को खत्म कर देता है. लेकिन बहुत से कैंसर ट्यूमर कोल्ड प्रकृति के होते हैं जो इन इम्यून सिस्टम को पहचानने ही नहीं देते. इसलिए कैंसर ट्यूमर इम्यून सिस्टम को आसानी से चकमा दे देता है जिसके कारण इलाज नहीं हो पाता है. अब गूगल डीपमाइंड और येल यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि एआई मॉडल Cell2Sentence-Scale 27B (C2S-Scale 27B) इन कैंसर ट्यूमर की पहचान को आसान कर देगा. गुगल का यह 27 अरब पैरामीटर वाला फाउंडेशन मॉडल है, जो गूगल के ओपन-सोर्स गेमा Gemma परिवार का हिस्सा है. इसने कैंसर कोशिकाओं के व्यवहार के बारे में एक नई वैज्ञानिक परिकल्पना तैयार की है जिसे बाद में जीवित कोशिकाओं पर किए गए प्रयोगों से सही साबित किया गया. यह खोज कैंसर के इलाज में नए रास्ते खोल सकती है. यह मेडिकल क्षेत्र में एआई का बड़ा कदम साबित हो सकती है. कंपनी ने कहा है कि यह खोज कैंसर से लड़ने के लिए थेरेपी विकसित करने का आम रास्ता दिखा सकती है. इसके बाद कैंसर कोशिकाओं को समझना आसान हो जाएगा.

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